हुनर- डी के निवातिया

हुनर *** छोटी छोटी बातों पर अपनों से गिला क्या, इश्क मुहब्बत में हुई बातों का सिला क्या, झुकने का हुनर जरूरी है यहां जीने के लिए, अड़कर पर्वत …

।। जय पवन कुमार ।।

जय अंजनि कुमार पवन सुत दुःख भंजन है नाम तुम्हारा। दीन दुःखी असहायों को केवल एक तुम्हारा सहारा।। 1 ।। जो जन भजते तुमको राम कृपा होती स्वत: प्राप्त। …

आल्हा छंद “अग्रदूत अग्रवाल”

आल्हा छंद “अग्रदूत अग्रवाल” अग्रोहा की नींव रखे थे, अग्रसेन नृपराज महान। धन वैभव से पूर्ण नगर ये, माता लक्ष्मी का वरदान।। आपस के भाईचारे पे, अग्रोहा की थी …

सार छंद “भारत गौरव”

सार छंद “भारत गौरव” जय भारत जय पावनि गंगे, जय गिरिराज हिमालय; सकल विश्व के नभ में गूँजे, तेरी पावन जय जय। तूने अपनी ज्ञान रश्मि से, जग का …

गीतिका (अभी तो सूरज उगा है)

गीतिका (अभी तो सूरज उगा है) प्रधान मंत्री मोदी जी की कविता की पंक्ति से प्रेरणा पा लिखी गीतिका। (मापनी:- 12222  122) अभी तो सूरज उगा है, सवेरा यह कुछ नया …

अगर मै प्रधानमंत्री होता

अगर मै प्रधानमंत्री होता! भारत का प्रधानमंत्री, ये कथन ही गौरव से परिपूर्ण और अत्यंत मनमोहक है। एक ऐसे सपने का सच हो जाना जिसका विश्लेषण कर पाना भी …

ज़िन्दगी के काले पन्ने

काली अंधेरी रात, आसमान में कड़कड़ाती हुई बिजली के साथ मूसलाधार बारिश और पेड़ को जड़ से उखाड़ देने वाली आंधी चल रही थी। वरुण घर के बरामदे में …

क्षितिज

क्षितिज की उस ओर….. शिखर का अंत……………….अथवा नभ का एक छोर।। यही खोज है………………….अथवा उद्देश्य जीवन का… सोचता रहा हूँ खड़ा इस ओर… विस्मय में हूँ कि मैं आरम्भ …

कब लेगा यह युद्ध विराम।

जंग छिड़ी है किन लोगों में, फूट पड़ी है किन लोगों में, मन में द्वेष की लपटें लेती, आग बड़ी है किन लोगों में, जो भड़की या भड़काई है …