तुम हो तो सब कुछ है………………………देवेश दीक्षित

तुम हो तो सब कुछ है तुम्हारे बिना कुछ भी नहीं तुमसे ही मेरी दुनिया है साथ हो तुम तो न भटकूँ कहीं तुमसे ही मेरी मस्ती है हंसो …

नहीं कायर। निर्भीक बनो

नहीं कायर निर्भीक बनो सहन शीलता इंक वरदान सही पर हम इतने भी नादान नहीं दया धर्म सब ठीक है पाठ सहिष्णुता का भी ठीक है पर होता है …

दे देना हमको माफ़ी – डी के निवातिया

मैं पतझड़ की पाती, तुम हो उपवन का फूल ! दे देना हमको माफ़ी, जो हो जाए हमसे भूल !! मै गाँव का देशी छोरा तुम ठहरी शहरी मेम, …

“मैं निशा हूं”

मैं निशा हूं सोचा कि आज कह ही दूं सबकुछ। निर्दोष हूं, अकेली हूं, प्यारी भी हूं सचमुच। मेरी तन्हाई को सिर्फ वहीं समझ सकता है- जिसने आविरक्त प्रेम …

1 बेशक कितना भी सफल हो जाऊँगा लेकिन मैं भी एक दिन कल हो जाऊँगा फिर समा जाऐगा सबकुछ शुन्य में चाहे कितना भी अव्वल हो जाऊँगा 2 कसम …

चमक कम न हो – डी के निवातिया

चमक कम न हो *** चाँद से रोशन चेहरे की चमक कम न हो, झील सी गहरी ये आँखे कभी नम न हो, बहारों की फिज़ाओ में दमकता ये …

कुण्डलिया छंद – डी के निवातिया

कुण्डलिया छंद *** मात  दात्री जन्म की , पिता जीव आधार। धरा  गगन के  मेल से, अदभुत  ये संसार।। अदभुत ये संसार, गजब कुदरत की माया। पल में बदले …

हिंदी गीत- PT. BABU RAM SHARMA

अमर भारती वसुन्धरा की शान हमारी हिन्दी है |देश धर्म शासन सत्ता की जान हमारी हिन्दी है ||प्रलयंकर शंकर डमरू से निकली भाषा हिन्दी है|अमर शहीदों के साहस की …

बेहतर है…..

धारा 370 के ऐतिहासिक निर्णय पर ,लद्धाख के प्रतिनिधि के भाषण के विचारों मे बांधने का प्रयत्न किया है, उस अनजान कोलाहल से, परिचत सन्नाटा बेहतर है। गीदड़ की …

किसान की व्यथा

समस्या एक है बहुत ही उत्कट,आज भी हिन्दुस्तान कीआवाज नहीं है कोई सुनता,लाचारगरीबकिसान कीसमस्या एक है …. काम कोई पड़ जाए तो फिर, दौड़े आफिस आफिससाहब साहब कहता भागे, …

किसान की व्यथा

किसान की व्यथा समस्या एक है बहुत ही उत्कट,आज भी हिन्दुस्तान कीआवाज नहीं है कोई सुनता,लाचारगरीबकिसान कीसमस्या एक है …. काम कोई पड़ जाए तो फिर, दौड़े आफिस आफिससाहब …

माँ

माँमाँ शब्द नहीं संसार है, अमिट अमिय की धार है माँ होती ऐसी क्षीरसागर, जिसमें ममता प्यार दुलार हैमाँ शब्द नहीं ……. माँ जन्मदात्री अधिष्ठात्री, सुखमय सुखदात्री माँ ही …

Plastic Se Azadi

प्लास्टिक से आजादी स्वरचित-नीरज कुमार सिंह, लखनऊप्लास्टिक बोतल है,नषा है, बैग हैजानलेवा बीमारी है,अफीम की तरह।प्लास्टिक की बाढबाजार में आयी हैनर-नारी, जानवरसब पर वह भारी है।।प्लास्टिक ज्वालामुखी है,उसके धंुए …