Category: अज्ञात कवि

मुक्तक, दौहे और रचनाएं – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

मुक्तक जिसे हंसना था, तूने रुला दिया खुशियाँ दे न सके गम में सुला दिया। उजाड़ दी ज़िन्दगी भला चंगा था इक पल में अपना रिश्ता भुला दिया। नफ़रत …

विष्णुछंद – गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

धीरे-धीरे विष्णुपद छंद – 16+10 अंत 2 दौड़ेगा तो थक जायेगा, धीरे – धीरे चल चलना ही तो जीवन है यह, दीपों सा तू जल। ठोकर भी गर लगे …

सार छंद – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

पत्थर पर भी दूभ उगेगा सार छंद – 16+१२ अंत 22 बहुत आगे बढ़ गई दुनिया, तुम देखो हम कितने तुम भी आगे बढ़ सकते हो, रोका तुमको किसने। …

हिंदी दिवस २०२०

भावों की अभिव्यक्ति का करती विधान  है आर्य-भूमि की संस्कृति का शाश्वत-प्रमाण है         माला की मणियों-सा जिसने हमें पिरोया             …

गुरू

कैसे करूं गुणगान तेरा हे गुरू तू है भगवान मेरा तुमने रोपा वो भ्रूण उर में भाग्य फलित उनवान मेरा मैं ऋणी रहूँगा सदा तेरा बीता बचपन उत्तम मेरा …

शिक्षक

शिक्षक जो अपने जीवन के कर्णधार हैं उनको हमारा प्रणाम बारम्बार है   अंदर दे सहारा हैं बाहर करें चोट जो एक-एक कर सब दूर करें खोट वो शिक्षार्थी …

मातृभूमि का श्रृंगार करो – डी के निवातिया

आज़ादी के पावन दिन पर, मातृभूमि का श्रृंगार करो देश ध्वजा का संदेश यहीं, वैर  भाव का संहार करो।। जो मिट गए, जो खो गए, हाथ थाम तिरंगा सो …

“मैं निशा हूं”

मैं निशा हूं सोचा कि आज कह ही दूं सबकुछ। निर्दोष हूं, अकेली हूं, प्यारी भी हूं सचमुच। मेरी तन्हाई को सिर्फ वहीं समझ सकता है- जिसने आविरक्त प्रेम …

हिंदी गीत- PT. BABU RAM SHARMA

अमर भारती वसुन्धरा की शान हमारी हिन्दी है |देश धर्म शासन सत्ता की जान हमारी हिन्दी है ||प्रलयंकर शंकर डमरू से निकली भाषा हिन्दी है|अमर शहीदों के साहस की …

बेहतर है…..

धारा 370 के ऐतिहासिक निर्णय पर ,लद्धाख के प्रतिनिधि के भाषण के विचारों मे बांधने का प्रयत्न किया है, उस अनजान कोलाहल से, परिचत सन्नाटा बेहतर है। गीदड़ की …

किसान की व्यथा

समस्या एक है बहुत ही उत्कट,आज भी हिन्दुस्तान कीआवाज नहीं है कोई सुनता,लाचारगरीबकिसान कीसमस्या एक है …. काम कोई पड़ जाए तो फिर, दौड़े आफिस आफिससाहब साहब कहता भागे, …

किसान की व्यथा

किसान की व्यथा समस्या एक है बहुत ही उत्कट,आज भी हिन्दुस्तान कीआवाज नहीं है कोई सुनता,लाचारगरीबकिसान कीसमस्या एक है …. काम कोई पड़ जाए तो फिर, दौड़े आफिस आफिससाहब …

Plastic Se Azadi

प्लास्टिक से आजादी स्वरचित-नीरज कुमार सिंह, लखनऊप्लास्टिक बोतल है,नषा है, बैग हैजानलेवा बीमारी है,अफीम की तरह।प्लास्टिक की बाढबाजार में आयी हैनर-नारी, जानवरसब पर वह भारी है।।प्लास्टिक ज्वालामुखी है,उसके धंुए …