Category: अज्ञात कवि

वो आईना लेके मुस्कुराते रहे।

वो लेके आइना मुस्कुराते रहें हवाओं में थे एहसास सो आते जाते रहें आईने से ही न जाने क्यों इतना शरमाते रहें हर राज दिखा कर भी छिपाते रहें …

किस किताब के शब्द हो तुम।

किस किताब के शब्द हो तुम जो इतने दिनों से समझी नहीं जितना खोऊं उतना उलझुं ठिकाने की कोई कमती नहीं आंखों से देखा बेहद सरल समझने बैठी थी …

।। जीवन ज्योति।।

जीवन ज्योति की लौ होती प्रज्ज्वलित, पाकर आयु का ईंधन । जगमग जगमग करे प्रकाशित, हो प्रफुल्लित मानव का मन ।। 1 ।। जीवन पथ को यह ज्योति ही, …

एक बेटी का पिता से छोटा सा अनुरोध लेखक अभिमन्यु कुमार स्याल, Abhimanyu Kumar Siyal

पापा पराई नहीं होती है बेटियां थोड़ा खुद को समझा लो न,तुम्हें भगवान मानती हूं मैं मुझे भक्त समझ अपनालो न।……2 भाई की छोटी सी उपलब्धि पर भी प्यार …

।। युगाधार।।

|| योगेश्वर स्तुति || हे परमेश्वर, हे योगेश्वर हे जगत के आधार। करो प्रणाम स्वीकार मेरा, लेखन मेरा करो स्वीकार।। 1।। किस नाम से तुम्हें पुकारूँ, अगणित नाम तुम्हारे …

बेटी लेकर क्या करोगे

बेटी लेकर तुम करोगे क्या जन्म देकर करोगे क्या रौब तो रहेगा बेटे का ही कुल को तुम्हारे समेटगा ही बचपन से झुकना उसे सिखाओगे क्या पुरुष प्रधान दिखाओगे …

कौने खेतवा मां अनजवा उगहिहो

जब तुम अयिहो तब का खाइहो कौने खेतवा मां अनजवा उगहिहो सब तो बनाए डारेऊ पक्की जमीनिया नाय राखेओ कौनो कच्ची मिनिया अभहीन के तुम फायदा देखेओ जमींवा से …

मोबाइल से नजरें हटाया करोगे।

मोहल्ले में जब तुम आया करोगे किसी नुक्कड़ पर दोपहरी बिताया करोगे नजरों से नजरें जब मिलाया करोगे नए फैशन के दौर भी को आजमाया करोगे चार लडको के …