Category: अज्ञात कवि

।। माँ लक्ष्मी स्तुति।।

जय विष्णुप्रिया लक्ष्मी माता, जय सबकी सुख सम्पति दाता। सकल जगत से तुम हो पूजित, सब सदगुण तुमसे आता।। १ ।। सागर से उदभव हुआ तुम्हारा, जग में कहलाई …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

दोहे आई देखो दामिनी, चंदा लेकर साथ दिनकर भी मद्धिम पड़ा, अद्भुत है सौगात। नखत भी अब चमक रहा, जगमग है आकाश घूंघट के पट खोलकर, करता है अट्टहास। …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

दोहे आई देखो दामिनी, चंदा लेकर साथ दिनकर भी मद्धिम पड़ा, अद्भुत है सौगात। नखत भी अब चमक रहा, जगमग है आकाश घूंघट के पट खोलकर, करता है अट्टहास। …

।। निराश की आस।।

हे जगतपिता ! हे जगदीश्वर ! नित प्रति जपूँ तुम्हारा नाम। भक्ति मे मेरी शक्ति नहीं, किस विधि तुमको करूँ प्रणाम ।। 1 ।। बचपन बीता बचपना करते, अंजाने …

मुक्तक, दौहे और रचनाएं – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

मुक्तक जिसे हंसना था, तूने रुला दिया खुशियाँ दे न सके गम में सुला दिया। उजाड़ दी ज़िन्दगी भला चंगा था इक पल में अपना रिश्ता भुला दिया। नफ़रत …