Category: सोनिका मिश्रा

मुझे कुछ दिनों की, मोहलत तो दे दो!

मुझे कुछ दिनों की, मोहलत तो दे दो!तुम्हारी गली में, यूं न भटका करुँगी!!यादों में तेरी खुद को, सताने तो दो!तुझसे लिपटकर, यूं न रोया करुँगी!!अभी तो यहाँ पर, …

क्या सच में अब तुमको प्यार नहीं है

माना कि वो लम्हा साथ नहीं है!हम तो है पर वो बरसात नहीं है!!हमसफ़र भी हो मेरे, पास भी हो!पर फिर भी हांथो में हांथ नहीं है!!अच्छा होता अगर …

सच

कोई जीतने की चाहत रखता है, कोई प्यार की इबादत करता है | बड़ा कमज़ोर है आदमी, सोचता है पाने को मंज़िल, पर हाँथ खाली रखता है || ज़िंदगी …

shayri

मैं जो हूँ वो, कोई जानता नहीं है | शायद कोई यहाँ मुझे,पहचानता नहीं है || खोये है भीड़ में हम, यहाँ कोई सहारा नहीं है | मेरे आंसू …