Category: अनिता अग्रवाल

कविता :– माटी मेरे खेत की, कवि:– अमन नैन

माटी मेरे खेत की लगे स्वर्ग से प्यारी सैकुदरत से मिली मुझेसौगात न्यारी सैफर्ज माँ का यहनिभा रही सैचीर कर छाती अपनीपेट हमारा भर रही सैचंदन भी शर्मा जाऐसी खुश्बू …

स्त्रियाँ जानती हैं अपनी देह का रहस्य

दो छोरों पर है जिंदगी वह जानती है अपनी जगह सब सुहागिने जानती है अपना पद अपना मान पर कितना कम जानती है जो धीरे-धीरे घट रहा है आसपास …