Category: तीषु सिंह

काश

काश काश काशकाश कि ये किया होताकाश कि वो ना किया होताकाश कि ऐसा सोचा होताकाश कि वैसा ना सोचा होताकाश काश काशकाश शब्द जब गुन्जता मन के आकाश …

इस दिवाली

इस दिवालीबैठती हूँ छत के मुँडेर पर देर तक,चंदा और तारों से गप्पें होती अक्सर,कभी तारे बताते अपनी कही-सुनी,तो कभी चंदा सुनाता अपनी कहानी,आज रात बदला सा है नज़ारा,एक …

जिंदगी

  फेसबुक पे रोज मित्र भेजते हैं सूविचारजिंदगी का टाॅपिक होता है बार बार शिकारएक ने कहा-जिंदगी पल पल ढलती है, रेत सी फिसलती हैएक बार ही मिलती हैतो …

सुकून

अगर सुकून की शक्ल होती, अकेलेपन में खूब रोती , हर तरफ आवाज़ है और शोर है, कहीं पहुँचने की सबको होड़ है, मुझको भुला दिया है सब ने, …