Category: शेखर वत्स

बेटी है तो कल है

बेटी जिन्हें नापसंद है, वे नहीं भरोसेमंद हैंबेटी मिलती किस्मत से, देखो न इसे नफ़रत सेये बेटी है बेटा भी, बेटा है सिर्फ बेटा हीये दो परिवार मिलाए, बच्चों …

बेज़ुबां की जुबां

मैं बेज़ुबां हूँ, लेकिन बेजान तो नहीं हूँएहसास हो न जिसमें, वो सामान तो नहीं हूँमाना कि नस्ल से मैं इंसान तो नहीं हूँइंसान की तरह ना-फरमान तो नहीं …