Category: सर्वजीत सिंह

खुदाया माफ़ कर – सर्वजीत सिंह

खुदाया माफ़ कर सारे रस्ते बन्द हो गए बन्द हैं तेरे द्वार इस दुनिया को माफ़ कर महामारी से ना मारखुदाया माफ़ कर, खुदाया माफ़ कर, हम बच्चों को …

दिल बहुत तड़पाता है

दिल बहुत तड़पाता है शब्दों की धार वक़्त की मारबेवफा का प्यार दिल बहुत तड़पाता है मोहब्बत में इन्तजार जब दिल हो बेकरार महबूबा का इनकार दिल बहुत तड़पाता …

नूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नूर लाखों चिराग जलाये थे हमने राहों पर तेरे आने की खबर सुनकर पर सारा आलम फ़ीका हो गया तेरे चेहरे के नूर सेसर्वजीत सिंह [email protected] Оформить и получить …

हादसा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हादसा महोब्बत की राह पर चलना शुरू किया तो पता लगा के बहुत टेढ़े मेढ़े हैं रास्ते जिसे देखकर समझ आया के सावधानी हटी तो दुर्घटना घटीऔर दुर्घटना घट …

भंवर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

भंवर अपने प्यार की नैया के खेवैया तो हमीं थे फिर दोष दें किसको ………………..के हमें डूबो दिया मोहब्बत के भंवर में …………………….सर्वजीत सिंह [email protected] Оформить и получить экспресс …

नज़रें – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नज़रें नज़रें उनकी ढूंढे हमें चलो ऐसा कोई काम करें दिल उनका चुरा के उनकोथोड़ा सा परेशान करेंसर्वजीत सिंह [email protected] Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа …

ख्वाहिश – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख्वाहिश दिल की ये ख्वाहिश थी ………………कि मैं तेरी हर ख्वाहिश पूरी करूंपर मुझे मालूम ना था ……………………कि तेरी ख्वाहिश तो है सिर्फ मुझे बर्बाद करने की सर्वजीत सिंह[email protected] …

तेरे इन्तज़ार में – सर्वजीत सिंह

तेरे इन्तज़ार में सुबह से शाम हो गई तेरे इन्तज़ार में अब देर ना करो तुम अपने दीदार में यहाँ पर तो लोग आते जाते बहुत हैं कोई खलल …

खुदा की रहमत – सर्वजीत सिंह

खुदा की रहमतना कोई धर्म होता है ना कोई जात होती है महोब्बत में दोस्तों बस ऐसी ही बात होती है दिल से दिल मिल जायें गर मोहब्बत में …

मोहब्बत का मारा – सर्वजीत सिंह

मोहब्बत का मारामोहब्बत को तेरी हमने नकारा नहीपर तेरी बेरूखी भी हमें गवारा नहीं सुबह शाम किया है बस तुझे सजदा फिर भी लब से नाम तेरा पुकारा नहीं …

प्यार की दिवाली – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

प्यार की दिवाली दीपों का त्योहार है दिवालीहंसी खुशी और प्यार है दिवाली ……………….मोहब्बत का रंग जब चढ़े किसी परफिर दिलभर का इज़हार है दिवाली …………………….शायर: सर्वजीत सिंह [email protected] …

राज़ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

राज़दिल का हर राज़ मैं आज तुमको बता दूंगा …………………….पर शर्त ये है के तुम भी अपना दिल खोल कर रख दो ………………………. शायर : सर्वजीत सिंह [email protected] Оформить …

मंज़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मंज़िलकई बार घबरा जाता है ये दिल देख कर ज़िन्दगी की मुश्किलें ……………………पर कभी मैं टूटा नहीं हौसला छोड़ा नहीं क्योंकि लगता है के मंज़िल बहुत करीब है …………………. …

अश्क़ – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

अश्क़अश्क़ बहुत बहाये मैंने तेरी मोहब्बत में ………………पर मुद्दत के बाद जाना के तू पत्थर का ईक बुत है ……………………..!!!शायर : सर्वजीत सिंह[email protected] Оформить и получить экспресс займ на …

गलतफहमी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गलतफहमीदिल की ये तमन्ना थी कि हमसफ़र मिले कोई अपने जैसे मिज़ाज का मिल तो गया लेकिन अब पछता रहा हूँ ये सोच सोच कर कि कितनी बड़ी गलतफहमी …

ठोकर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ठोकरठोकर ना मारो मुझे रास्ते का पत्थर समझ कर …………………अगर किस्मत ने उठा के मंदिर में रख दिया तो मैं पूजा जाऊँगा ……………………………………..शायर : सर्वजीत सिंह[email protected] Оформить и получить …

जन्नत – सर्वजीत सिंह

जन्नत राहों में भटक रहा था मैं तुमने मुझे सहारा दे दियामेरी डूबती हुई कश्ती को तुमने किनारा दे दिया मोहब्बत करके जाना मैंने कितनी रोशन है जिंदगीमेरे इस …

ग़म ज़दा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ग़म ज़दा कोई आवाज़ ना दो मुझको …………………अब मुझे कुछ सुनाई ही नहीं देता क्योंकि दिल के टूटने के बाद ……………………. ग़म ज़दा हुआ पड़ा हूँ मैशायर : सर्वजीत …

दिल में बसे हो तुम – सर्वजीत सिंह

दिल में बसे हो तुम दिल में बसे हो तुम हम तुम्हें कभी भुला ही नहीं पातेमेरे दिल में रह कर भी तुम हर पल हो मुझे तड़पाते तुम्हारा …

झंकार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

झंकारदिल धड़कने लगता है बड़ी जोर से सुनके तेरी पायल की झंकार ………………ज़रा आहिस्ता आहिस्ता चला करो कुछ वक़्त तो मिले बेकरार दिल को संभालने का ……………… शायर : …

दस्तक – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दस्तकसीने में उठा है इक पुराना दर्द आज फिर से …………………लगता है के दिल के दरवाजे पे मोहब्बत ने फिर से दस्तक दी है ……………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

ख़बर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख़बरख़बर उसके आने की सुन कर ………………….दिल झूम उठा पागल हो करपर इस नासमझ को कौन समझाये ………………………के अभी तो उससे …. अपनी जान पहचान होना भी बाकि हैशायर …

चाह – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

चाहदिल की ये चाह थी के बहुत प्यार करेंगे हम अपनी चाहत से …………………..पर जिसको चाहा हमनें उसकी चाहत कोई ओर था ……………………..शायर : सर्वजीत सिंह [email protected] Оформить и …