Category: सजन कुमार मुरारका

मिलन के ख्याल

मिलन के ख्याल जब वह शर्मसार होते हैं; तो चहेरे पे गुलाब होते हैं . आँखों मे शोख़ी,होटों मे मुस्कान;दिल मे तूफ़ान होते हैं . जब वह निहारें तिरछी …

सर्द हवा ओर प्यार का मंज़र

सर्द हवा ओर प्यार का मंज़र सर्द हवाओं का यह मंज़र, लहू को जमाता मौसम का असर; नर्म हथेलियों पे शबनमी ओस, खुश्क पीले पत्तों की सर-सर; बर्फ़ बिखरते, …

तुम्हारी चिठ्ठी!?!

तुम्हारी चिठ्ठी!?! तुम्हारी चिठ्ठी नहीं आई उम्मीदों की आँख थक गई पहले-पहले सोचा था शायद तुम गमगीन हो गई अपने रिश्तों को याद कर बिरही सी आहें भरती बेवस …

मेहरबानी कीजिये

मेहरबानी कीजिये खोखली ही चाहे उल्फतें, कुछ मगजमारी कीजिये; इक नज़्म “मोहब्बत” की गम मिटाने को कीजिये; दर्दे-ए-बयाँ हक़ीकत खुल कर मुँह जबानी कीजिये; सोचिये कुछ,भरिये आहेँ,प्यारी-प्यारी बात कीजिये; …

दिल की मौसमी चाल

दिल की मौसमी चाल सर्द बर्फीली रातों का ठंडा सन्नाटा, ज़िस्म को भेदता फैला रहा- शीतलतम लहर अंदर तक; टटोल कर देखा यादों की सर्द आहें, तन को उस्मा …

शब्द तो बहुत, पर जुवां खामोश हैं!!

शब्द तो बहुत, पर जुवां खामोश हैं!! जिंदगी वीरान है! पर जीने की आरज़ू है; दिल मे ज़ख्म गहरे है; पर दर्द चहरे से छुपा है; कसूर चाहत का …

प्यार के जज्वात !

प्यार के जज्वात ! खुदाई ना कर सके जो, उन्होंने करके दिखा दिया…. चाहनेवाले को ठुकरा दिया ! रखा हमने पलकों पे, हमे ही दर किनार कर- गाफिल बना …

खिलाफ़त

खिलाफ़त दिल का रोशन चिराग,”ज्लवा”, क्या करे मनाने; दिल परवाना दस्तक दे, ख़ैरियत के ही बहाने | उनका क्या कसूर ,आए ख़ुद मज़ाक अपना बनाने, बेफिज़ूल इल्ज़ाम है, आग …

अनायास सी याद ……!

अनायास सी याद ……! अनायास ही मन ने चाहा; शिलालेख पर अंकित शब्दों सी, पुरातन और धुंधले, ना समझ आनेवाले हरप, कौशीश पड़ने और- सार्थक हो जाती; भूली बिसरी …