Category: राकेश कुमार

भाईचारा

नमन साहित्य परिवारदिनाँक: 25.05.2020विषय भाईचारा समता की आसान सड़क हो होंठों पर सहयोग का नारा आज समय की मांग यही है आपस में हो भाईचारा मेहनत सींचे खलिहान हमारे …

बदलता मौसम

नमन मंच दिनांक :- 23/05/20 विषय :मौसम का बदला रुख ********************मौसम बदला,बदली फिजा जहर घुली,ताजी हवा मृत रेत सी है घटाऐंमृगछाल सी हुई लताअर्ध पका है फलों का राजा …

मजबूरी

विषय – मजबूरीविधा – कवितामजबूरी की विधा अनोखी अलग भाव अलग रूप में होती सोती कभी स्वर्ण शीला पर कभी बिखरी धूप को ढोहतीदिखती कभी भूखी आँखों में तड़पती …

खौफ

21 मई 2020विधा गजलविषय खौफकाफिया – आ स्वररदीफ़ – लौट जाऐगा ये खौफ का मंजर है सब लौट जाऐगा आसमां भी धुंधला सा सब लौट जाऐगा खड़ा है लिए …

मेरे शब्द (हाईकु)

मेरे शब्द (हाईकु) मेरे शब्द हिमपर गुंजेगे सब पूजेगे अंतः क्षोभ जहाँ पर फूटेगा सब टुटेगाआकाश तकरक्त उछलेगा दूर दिखेगा बेड़ी कटेगी सारतत्व होगा सब बटेगा Оформить и получить …

चाँद (हाइकु)

विषय _ चाँद (हाइकु)दिनांक : 20/05/2020तम चीरती ललाईत किरणें घनेरी रातसुर्ख जलती अधपकी लता सी अधूरी बात दीप्त चन्द्र सरकती पहरचांदनी खास रूठा चकोर गिरता मधुरस नई सौगातराकेश कुमार …

मुसीबत से मुक्ति

विषय -मुसीबत से मुक्ति विधा – हाइकुजलती हवा लड़खड़ाते सपने बिछड़े अपने दो जून रोटी मई का महीना लाल पसीना कुढता तन सरपट सड़कव्यथित मन थके से पाँव अवरूद्ध …

रोटी चीज नहीं है छोटी

रोटी चीज नहीं है छोटी बना अकिंचन कभी किसी को सड़क पर मरवा देती है रोटी चीज नहीं है छोटीजाने क्या क्या करवा देती हैकदम उठाकर निकल पड़ा जो …

स्वदेशी अपनाएंगे, देशभक्त कहलाएंगे |

विषय- स्वदेशी अपनाएंगे, देशभक्त कहलाएंगे |फिर इस विशाल धरोहर को स्वावलम्बन का मुकुट पहनाएंगे सबकुछ यहीं बनाएंगे सबकुछ यहीं बनाएंगे भूल गये तुम दिन पुराने कितने घढे हैं किले …

नीति

इस कालखण्ड की बात नहीं ये हर कालगर्भ में बीती हैशेष नहीं रहता कपटी कोईसब देश धर्म की नीति है जो अंगारों पर ले ध्वजआकंठ हलाहल पीते हैं केवल …

कशमकश 2

1 बस तुझे पाने का साथीइरादा रह गया तू मुझमें बाकीमुझसे ज्यादा रह गया2 लिखती रही तुझ सा तलाशती रहीये ज़िन्दगी तुझ बिन कागजी रही3 तेरी उन गलियों में …

कशमकश

1 एक बड़ी गलती कर दी तुझको बनाने वाले नेथोड़ी तो मिलावट कर देताजो भरी पड़ी जमाने में2 गुलाब, गुलशन, जुगनू, चमेली कुछ रास हमको आता ही नहीं हैलब,उन्स …

देश

1 कहने से कोई यूँ ही तलबगार नहीं होता शमशीर रखने से कोई पहरेदार नहीं होताफडकती हैं बाजुऐं जुनून सब जोश से बिना पसीना बहाऐ देश से प्यार नहीं …

किताब

तुम मेरे गीत,गजल,राग बन जाओमेरी शायरी का हर जवाब बन जाओलिख सकूँ ,तुम पर, हर नज्म,अ हशींकाश तुम ख्वाबों की वो किताब बन जाओ Оформить и получить экспресс займ …