Category: राजमूर्ति सिंह ‘सौरभ’

आइने तोड़ डाले गये

ख़ूब पत्थर उछाले गयेआइने तोड़ डाले गयेबादलों ने नज़र फेरलीआके मुँहतक निवाले गयेदुश्मनी पर तुला था कोईऔर हम हैं कि टाले गयेख़ूबियाँ उनकी देखी गयींदोष मुझमें निकाले गयेशौक़ परवान …

दर्द में भी मुस्कुराना चाहिए

दर्द में भी मुस्कुराना चाहिएज़ब्त को यूँ आज़माना चाहिएवो बहुत पछता रहा है भूल परअब हमें भी मान जाना चाहिएख़ुद बयां हो जायेगा चेह्रे का सचआइने के पास जाना …

सच वही है सिर्फ़ जिसको ज़िल्ले -सुब्हानी कहें

आग पानी को बताएँ,आग को पानी कहेंआपका क्या,आप मुश्क़िल को भी आसानी कहेंजी में जो आये करें जो मुँह में आये बोल देंकब तलक करते रहेंगे आप मनमानी कहेंमानने …

गज़ल

होठों की मुस्कान,नयन का नीर.गज़लतेरे दिल में सारे जग की पीर ग़ज़लहमने खोली पाँवों,की ज़ंजीर ग़ज़लइसके आगे अब तेरी तक़दीरग़ज़लहरदम तेरे सपने देखा करता हूँतू है मेरे ख़्वाबोंकी ताबीर …

वो समझे अपनी मंज़िल आसान किया है उसने

स्वर्ग धरापर लाने का एलान कियाहै उसनेतुम्हीं बताओ कोई कम एहसान किया है उसनेइससे बढ़कर क्या सबूत दूँ उसकी नादानी काअपने मुँह से अपना ही गुणगान किया है उसनेधन …

ज़रा भी आप मत. संकोच रखिए

ज़रा भी आप मत. संकोच रखिएनये कुछ और वादे सोच रखिएजिगर रखिए भले पत्थर सरीखामगर लहजे में,थोड़ा लोच रखिएनहीं इस बार क्यों बरसीं घटाएँकोई अच्छा बहाना सोच रखिएवो ख़ुद …

कहें कहना है जो संसार वाले

कहें कहना है जो संसार वालेकहाँ डरते हैं आख़िर प्यार वालेमुहब्बत फिर तेरा लहराया परचमपराजित फिर हुए तलवार वालेहमारे साथ होंगे कल यही सबअभी नाराज़ हैं परिवार वालेहमें पहुँचाएँगे …

कहाँ डर रह गया है अब खुदा का

बदल देता है पल में रुख़ हवा का, है उसकी बात में जादू बला का। लबों पर है कहाँ मुस्कान बाक़ी, कहाँ अब गूँजता कोई ठहाका। वो जिसके पास …

मै गजल सुनाऊँ क्या

यूं उसे मनाऊँ क्या, ख़ुद भी रूठ जाऊँ क्या। वो मेरा अजीज़ है, उसको आज़माऊँ क्या। अश्क़ बेशक़ीमती, मुफ़्त में लुटाऊँ क्या। हँस रहे हैं दिल के ज़ख़्म, मैं …

जिंदगी है क्या

हवा में कुछ नमी है क्या, गुलों में ताज़गी है क्या। तू क्यों हैरान है इतना, हक़ीकत खुल गयी है क्या। अदावत पर उतर आया, अदावत लाज़मी है क्या। …

तेरी मेरी बनी रही

चाहे सबकी ठनी रहे, तेरी-मेरी बनी रहे। तू न रहे घर में जिस दिन, सारे दिन मुर्दनी रहे। मेहनतक़श मज़दूर न हों, फिर क्या कोई धनी रहे। रात अँधेरी …