Category: प्रांजल

हे सखी !

हे सखी ! मैं तुम्हें क्या दूँ ?वैसे तुम उस कृष्ण सी परिपूर्णा तो नहीं ,जो तुम्हें कुछ देने आया दाता स्वयं ही सकुचा जाये ,ना ही मैं उस …

Emergency -(story)

“मैंने ,मैंने  उसे  नहीं  मारा !””अच्छा! तो तुम्हारे  कपड़ो  पर  लगे  खून  के  निशान  कहाँ  से  आये ? वह  भी  उसके  खून  से  मैच  हो  चुके  हैं !”…. …… …

shayariya-1

1)किसी अधूरी मुलाकात की बिखरी-बिखरी बात हो तुम,शायद बादलों से छनकर आती धूप सी सौगात हो तुम।2)कहाँ अंधेरों में भटक रहा है कब से,वो अक्स है तेरा, उजाले में …

आज कब्रस्ताँ मेरा, गुलशन सा जान पड़ता है।

आज कब्रस्ताँ मेरा, गुलशन सा जान पड़ता है।कब्र पर सजदे में मेरी, मेरा कातिल आज आता हे,मैं मुर्दा-गड़ा-पड़ा यहाँ, सब देख आज पाता हुँ,शोर तालियों का मुझे, लगता अन्धों …

कालचक्र

कालचक्र की इस नियती से कौन यहाँ बच पाया है?निषकंलक निरपराध सीता पर भी यहाँ सवाल उठाया है!सत्य प्रेम की उस मूरत को अग्नि पर भी चलवाया है!कालचक्र की …

हे तमाश-बीं ये दुनिया,तमाशा हो तुम;बेतकल्लुफी से फेरेंगे निगाहें,मन भर तो जाने दो ज़रा।-प्रान्जल जोशी। Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день …