Category: नितिन परिहार ‘राजा’

इच्छा ये तुम्हारी है

इच्छा ये तुम्हारी है देखो सब उजड़ते हुए फूल पत्ते पेड़ झड़ते हुए या नए पुष्प खिलते हुए उनपर भौंरे उड़ते हुए इच्छा ये तुम्हारी है ॥ १ ॥ …

अस्थि विसर्जन

मोहोब्बत प्यासी एक झलक ज़रा सी देखने को मचले सच की सीमायें पर चाहत मेरी सुहागन दासी चुप सब सहके भी प्रेम बरसाएँ आत्मा नभ की निर्मल निवासी सुनने …