Category: महावीर उत्तरांचली

उत्तराखण्डी गीतों की लोकप्रिय अभिनेत्री रीना के निधन पर

(1.) ‘पुष्पा छोरी’ गीत पर‘पुष्पा छोरी’ गीत पर, सदा रहोगी यादआज सभी हम कर रहे, अश्क़ों की बरसातअश्क़ों की बरसात, उम्र क्या ये जाने कीनिर्मोही फ़रियाद, सुने क्या दीवाने …

कोरोना माई के प्रताप पर दो कुण्डलिया

(1.) कोरोना के ख़ौफ़ सेकोरोना के ख़ौफ़ से, जीव-जन्तु भयभीतचीन की खुराफ़ात से, उत्पन्न मृत्यु गीतउत्पन्न मृत्यु गीत, कौन उसको समझायेउसके नए प्रयोग, विश्व पे विपदा लायेमहावीर कविराय, मृत्यु …

रानू रानाघाट की

(1.) रानू की तक़दीररेशमिया ने बदल दी, रानू की तस्वीरभीख मांगते खुल गई, रानू की तक़दीररानू की तक़दीर, बन बैठी स्वर कोकिलालता हुई हैरान, सरस्वती-सा स्वर मिलामहावीर कविराय, मुंबई …

मोदी-शाह जोड़ी पे दो कुण्डलिया

(१.)मोदी चुन कर आ गए, मित्रो दूजी बारसन चौदह के बाद फिर, बनी वही सरकारबनी वही सरकार, कार्य करती यह न्यारेअपना है कश्मीर, राम मंदिर भी प्यारेमहावीर कविराय, विदेशी …

निर्भया के न्याय पर 3 कुण्डलियाँ

(१.) आशा देवी रो पड़ी, रोये बद्रीनाथबिटिया तेरी मौत ने, किया कुठाराघातकिया कुठाराघात, ज़ालिमों ने तड़पायासात बरस के बाद, न्याय बेटी ने पायामहावीर कविराय, हर क़दम मिली निराशाक़ानूनी षड्यंत्र, …

भगवान अग्रसेन पर दोहे

जन्मे अश्विन शुक्ल को, अग्रसेन भगवान।पौराणिक नायक रहे, नीति-कुशल विद्वान // 1. // द्वापर में श्रीकृष्ण थे, उनके समकालीन।समर्थक राम राज्य के, जनहित में तल्लीन // 2. // मंगलविधि …

श्रीराम—श्रीकृष्ण दोहे

देह जायतक थाम ले, राम नामकी डोरफैले तीनोंलोक तक, इस डोरी केछोर भक्तोंमें हैं कवि अमर, स्वामीतुलसीदास‘रामचरितमानस’ रचा, रामभक्त ने ख़ास राम-कृष्णके काज पर, रीझे सकलजहानदोनों हरिके नाम हैं, …

रोमांटिक ग़ज़लें (भाग: एक)

(1.) मकड़ी-सा जाला मकड़ी-सा जाला बुनता है ये इश्क़ तुम्हारा कैसा है ऐसे तो न थे हालात कभी क्यों ग़म से कलेजा फटता है मैं शुक्रगुज़ार तुम्हारा हूँ मेरा …

अन्ना आंदोलन से उपजी रचनाएँ (भाग: एक)

(1.) जो व्यवस्था भ्रष्ट हो जो व्यवस्था भ्रष्ट हो, फ़ौरन बदलनी चाहिएलोकशाही की नई, सूरत निकलनी चाहिएमुफ़लिसों के हाल पर, आंसू बहाना व्यर्थ हैक्रोध की ज्वाला से अब, सत्ता …

योग

करते रहे जो योगजीवन बने निरोग परिश्रम करो सदैवकोई लगे न रोग सादा हो खान-पानभागे तमाम रोग भौतिक सुखों को त्यागजोगी लिए हैं जोग तन-मन खिला-खिला तोबाक़ी बचे न …

प्यारी फ्योंळी (रोमान्टिक गढ़वाली गीत)

तिले धारू बोला, प्यारी फ्योंळीतेरी मुखड़ी यन चमकी, जन या रात जुन्याळीओsss…होsss… तिले धारू बोला… लाखूं-हज़ारूं मा इक तू ही प्यारीजिन मेरी आँख्यूंका सुपन्या संवारी // १. //ओsss…होsss… तिले …

दोहे भगवान महावीर वचन

भगवान महावीर की, बात धरी संदूक।मानवता को त्यागकर, उठा रहे बंदूक // १. // अपने घट में झाँककर, खुद से कर पहचान।इस विधि हर इक जीव को, मिला आत्म …

विचित्र अनुभूतियाँ

रात मेरे कवि हृदय मेंउपजीं कई विचित्र अनुभूतियाँ— देख रहा हूँकुंठित भावसंकुचित हृदयआँखों में अश्रुधार लिएबैसाखियाँ थामे खड़े हैंविश्व के समस्त असहाय पत्रकार! अनुभूतियाँ अपाहिज हैं!त्रिशंकू बने हैं शब्द!!पत्रिकाओं …

जनक छन्द के भेद (आलेख)

जनक छन्द की साधनाज्यों वामन का त्रिपुर कोतीन चरण में नापना इस जनक छन्द में डॉ० ब्रह्मजीत गौतम जी ने छंद की पूरी व्याख्या ही कर डाली है। मात्र …

साईं, आन पड़े हम तेरे धाम

साईं सलोना रूप है, साईं हरि का मानदेह अलौकिक गंध है, प्रेम अमर पहचान // दोहा //साईं, साईं, आन पड़े हम तेरे धामसाईं, साईं, आन पड़े हम तेरे धाममोहे …

बाबा हम शिरडी आये

बाबा हम शिरडी आये, तेरे दर्शन करनेसाईं-साईं जपते-जपते, कष्ट लगे हैं मिटनेबाबा हम शिरडी आये…..दूर-दूर से लोग हैं आते, अपनी व्यथा सुनातेबस्ती-बस्ती, पर्वत-पर्वत, तेरे ही गुण गातेतेरे रूप का …

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है।तेरी पूजा निसदिन मेरा काम है।।हो…..हो…..हो…..नहीं तुझसे बड़ा है संत कोई….और गुरु कोई….तेरी भक्ति, तेरी शक्ति, जीवन का आधार।हम पर बाबा यूँ ही …

अपने भीतर, तू निरंतर

न हो मायूस साईं के दर पे बदल जाएँगी तस्वीरेंमिट जायेंगे ये दुःख सारे, बदल जाएँगी तकदीरें // शे’र //अपने भीतर, तू निरंतर, लौ जला ईमान कीतम के बादल …

ख़ुश-हाल, ख़ुश-हाली—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

((1.) इक दिया नाम का ख़ुश–हाली के उस के जलते ही ये मालूम हुआ —कैफ़ी आज़मी (2.) ना–शनास–ए–रू–ए–ख़ुश–हाली है तब–ए–ग़म–नसीब जब मसर्रत सामने आई झिजक कर रह गई —साक़िब …

बद-गुमानी—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) आपस में हुई जो बद–गुमानी मुश्किल है निबाह दोस्ती का —हफ़ीज़ जौनपुरी (2.) तुम रहे पाक–साफ़ दिल हर दम मैं रहा सिर्फ़ बद–गुमानी में —महावीर उत्तरांचली (3.) हिफ़ाज़त …

रोटियाँ—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.)डाल दीं भूके को जिस में रोटियाँवह समझ पूजा की थाली हो गई—नीरज गोस्वामी(2.)है मुश्किल दौर सूखी रोटियाँ भी दूर हैं हम सेमज़े से तुम कभी काजू कभी किशमिश …

तकलीफ़—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) शहर में है इक ऐसी हस्ती जिस को मिरी तकलीफ़ बड़ी है —राजेन्द्र नाथ रहबर (2.) बड़ी तकलीफ़ देते हैं ये रिश्ते यही उपहार देते रोज़ अपने —महावीर …

किरदार—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) इस के सिवा अब और तो पहचान कुछ नहीं जाऊँ कहाँ मैं अपना ये किरदार छोड़ कर —भारत भूषण पन्त (2.) व्यवस्था कष्टकारी क्यूँ न हो किरदार ऐसा …

निशानी—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.)दास्ताँ–गो की निशानी कोई रक्खी है कि वोदास्ताँ–गोई के दौरान कहाँ जाता है—शाहीन अब्बास (2.)उन की उल्फ़त में ये मिला हम कोज़ख़्म पाए हैं बस निशानी में—महावीर उत्तरांचली(3.)फेंकी न …