Category: कमलेश संजीदा

हर एक दुष्ट जेहादी को उसकी अवकात दिखानी होगी

जंग लगी तलवारों पे अब धार चड़ाना होगा।आंख उठी श्री राम पे तो नरमुंड उड़ाना होगा।हर एक दुष्ट जेहादी को उसकी  अवकात दिखानी होगी। मां को धर्म की रक्षा …

बचपन तो कहीं खो गया (09 March 2017)

बच्चों का  बचपन, अब तो खो गयाहांथों में है मोबाइल , मैदान खो गयादिमाग तो है चलता, हेल्थ खो गयाखेलों के नाम पर, मोबाइल गेम आ गया ।। किसी को …

पथिक तूं थक मत (३१ अगस्त २०१५)

पथिक तूं थक मत कभी न तूं हारना जिंदगी के सफर में वक़्त को न काटना | अगर वक़्त बुरा हो तो उसमें भी मुस्कुराना भले ही मुस्कुराकर वक़्त …

जलेगी होली रोएगें पेड़

जलेगी होली रोएगें पेड़ लोंगों की खुशियां , फिर जलें हरे -२ पेड़ फाल्गुन मास की हरियाली छायी होली के कारण हरे पेड़ों की श्यामत आयी | देश भर …

सपनों की गुडिया

अम्मा देखी मैंने गुडिया वो है अजब न्यारी गुडिया अम्मा ले दो मुझको गुडिया चार रूपये में आये गुडिया | झट से पैसा दे-दे मुझको मैं ले लूंगी उसको …

नदी

कल- कल करती रहती हूँ पत्थरों से टकराती हूँ रुकना मेरा काम नहीं सदा बहती रहती हूँ | गंगा यमुना कृष्णा कावेरी अनेकों मेरे नाम हैं उत्तर दक्षिण सब …