Category: भूपेंद्र कुमार दवे

कोरोना तेरे कारण

कोरोना तेरे कारणदरवाजे खुले हैं मगर अंदर कोई नहीं आताचाँदनी रात में चाँद देखने कोई नहीं आता।अब तो फूलों में दुबककर महक रह जाती हैअब तो काँटों की छुअन …

माँ के आँसू की गरिमा …. भूपेंद्र कुमार दवे

माँ के आँसू की गरिमा सबकी आँखें गीली करताजीवन है आँसू की गाथामोती जैसे आँसू चुनकररचता है पीड़ा की माला। सिसक सिसक कर पीड़ित मन भीव्याकुल रहता है हर इक पल।पर …

माँ, मैं तुझे यूँ हर रोज याद कर लिया करता हूँ —- भूपेंद्र कुमार दवे

 माँ, मैं तुझे यूँ हर रोज याद कर लिया करता हूँअपने अंतस्थ में रोज अमृत भर लिया करता हूँ। तुमसे दूर हूँ पर तेरी तस्वीर से कभी कभीमन बहलाने कुछ …

मोह नहीं आँसू से मुझको …. भूपेन्द्र कुमार दवे

मोह नहीं आँसू से मुझकोचाहो तो ये सब छितरा दो। पीड़ा सहना हल्का कर दोया पीड़ा से लथपथ कर दोचाहो तो मुस्कानें हर लोऔर हृदय में आहें भर दो। पर आँसू …

देखी थी जीवन की छवि प्यारी

देखी थी जीवन की छवि प्यारीवह मोहक प्यार भरी ममता कीथी जिसमें हर प्रतिमा सुन्दर सीभरती थी किलकारी बचपन की पर अंतरपट में उभर रही थीछवि यौवन की मदमस्त भँवर …

तुम सरहद के वीर सिपाही हो ….. भूपेन्द्र कुमार दवे

 तुम कर्मठ हो, बलशाली होतुम सरहद के वीर सिपाही हो तुम पुण्य धर्म के अनुयायी होतुम ही सच्चे भारतवासी होतुमने वेदों से जीना सीखा हैसच्चाई के बल चलना सीखा हैतुमने …

मेरी याद तो आती रहेगी  ……   भूपेन्द्र कुमार दवे

मेरी याद तो आती रहेगी मेरे जाने के बाद मेरी याद तो आती रहेगीआँसू की ओट से चुपके छिपाती वो आती रहेगी। मुरझाये हुए फूलों से तो पूछकर देखोबहार हर साल …

देखूँ जिस ओर   … भूपेन्द्र कुमार दवे

देखूँ जिस ओर     देखूँ जिस ओर तो मुझको श्रंगार अनूठा दिखता है।देखूँ जिस ओर तो मुझको संसार अनौखा दिखता है। वह मँड़राते फिरते भ्रमरों काफिर कुछ इतराना कलियों काडाल डाल …

गीत बनाकर हर गम को मैं गा लूँगा — भूपेन्द्र कुमार दवे

गीत बनाकर हर गम को मैं गा लूँगातार-तार दिल में भी मैं स्वर सजा लूँगा।तू नफरत भी ना कर पावेगा मुझसेप्यार के हर बोल से तुझे रिझा लूँगा।राह पर …

जिन्दगी और मौत

जिन्दगी और मौतमौत से पूछ तो लो कि कब कहाँ ले जावेगीइस अपाहिज जिन्दगी को कैसे ले जायेगी।एक बार तो वाह जरूर इस तरफ आवेगीबटोरकर पुरानी यादें नई दे …

आवो, स्वप्न सकल सुन्दर कर लें

 आवो, स्वप्न सकल सुन्दर कर लें। पोंछ पोंछकर सब अश्रूकणों कोनव सपनों का निर्माण करेंपलकों के आँगन में फिर से हममुस्कानों का सुन्दर रास रचें। आवो, स्वप्न सकल सुन्दर कर लें। गीतों …

मुझको भुलाना तुम्हें भी खलता रहेगा

मुझको भुलाना तुम्हें भी खलता रहेगाआज फिर गीत गुनगुनाने का मन करता है।आज फिर गीत गुनगुनाने का मन करता है।आँसुओं को भी गुदगुदाने का मन करता है।गोद में माँ …

कोई तो बताये वो कैसे यहाँ आया था

कोई तो बताये वो कैसे यहाँ आया थामेरा मुकद्दर सहसा बदलने यहाँ आया था।कितना खामोश, तन्हा, उदास दिख रहा है वोना मालूम किस-किससे मिलके यहाँ आया था।कितना अजीब चिराग …

लोग तो हैं ऐसे इसे जिन्दगी कहते हैं

लोग तो हैं ऐसे इसे जिन्दगी कहते हैंहम इसे साये-मौत की दिल्लगी कहते हैं।ये छलकते जाम भी इक साज से होते हैंहम प्यासे इसे महकती बंदगी कहते हैं।इस घर …

आज फिर गीत गुनगुनाने का मन करता है।

आज फिर गीत गुनगुनाने का मन करता है।आँसुओं को भी गुदगुदाने का मन करता है।गोद में माँ अब सो जाने का मन करता है।आँचल में छिप खिलखिलाने का मन …

महक जाने दो ख्वाब के मंजरों को

महक जाने दो ख्वाब के मंजरों कोबिखर भी जाने दो महकते गजरों को।नशा पीने में नहीं, पिलाने में भी हैगौर से तो देख, साकी की नजरों में।हादसा था वोह …

बदलके सारे दीवार-ओ-दरों को

बदलके सारे दीवार-ओ-दरों कोकर गया वो पराया अपने घरों को।कहाँ तक उड़े चले जाते हैं देखेंआस्मां मिला है टूटे हुए परों को।बहा है लहू किसके सरों का, देखोउठाकर फेंके …

मुझसे मेरी जिन्दगी खफा हो गई

मुझसे मेरी जिन्दगी खफा हो गईमौत को गले लगाकर फना हो गई।मैं नमपलकों से उसे देखता रहासुलगती जिन्दगी कब धुँआ हो गई।चिड़िया जब हथेली पे आकर बैठीडूबती जिन्दगी भी …

मेरे गीतों को वर दे

मेरे गीतों को वर देहर अक्षर में सुर भर दे।चलता था जिस पथरेखा परवो भी लुप्त हो चली नयन सेअब राही क्या बन पाऊँगामिट जाऊँगा कंकण कण मेंनिज अस्तित्व …

वो जगह बताओ मुझे तुम जहाँ रहते हो

वो जगह बताओ मुझे तुम जहाँ रहते होमंदिरो-मस्जिद में भी तुम कहाँ रहते हो।साया ना कहीं दिखा धूप में चलते रहेआग लगा रखी थी तुमने जहाँ रहते हो।मैं ख्वाब …

वो झोपड़ी में खाँसता था झोपड़ी हिलती थी

वो झोपड़ी में खाँसता था झोपड़ी हिलती थीफुटपाथ पर वही आ गया तो धरती हिलती थी।मेरा नाम आया तो उनकी जुबाँ कँपती थीजाम कँपते थे, सुराही में मैकशी हिलती …

पिला ऐसी कि हर पैमाना मैखाना लगे

पिला ऐसी कि हर पैमाना मैखाना लगेपिला इतनी कि मैखाना इक पैमाना लगे।बैठ तेरे आगोश में ताउम्र ऐ साकीजिन्दगी हर सूरत अक्स-ए-मैखाना1 लगे।वक्त अब क्यूँ इस तरह खुद-इंतशारी2 का …

शहीद की माँ

शहीद की माँबेटा,बचपन तेरा भोलेपन मेंजाने क्या क्या करता थापलने पर बस लेटे लेटेहँसता था, मुस्काता था।घुटने के बल चलते चलतेकुछ रुकता फिर बढ़ता थामाँ का आँचल दिख जाने …

अपनी दफ्न जिन्दगी बस तलाशता रहा

अपनी दफ्न जिन्दगी बस तलाशता रहारात भर वह कब्र सारी खँगालता रहा।पहले सभी यादें चुन चुन जलाता रहाफिर यादों की राख बैठा झुलसता रहा।आँधी में बेपर जिन्दगी ले उड़ता …

इस आँधी को मेरा आखरी सलाम भेज दे

इस आँधी को मेरा आखरी सलाम भेज देमेरी किस्मत की कतरनें भी तमाम भेज दे।ए डूबते सूरज, बस इक मेहरबानी कर जाअपनी तपस बटोरकर सुलगती शाम भेज दे।ना पानी …