Category: अरूण कुमार झा ‘बिट्टू’

मुहाब्बत

आज कल मुहाब्बत बदनाम हो गया हैंचर्चा गली मुहल्ले सरेआम हो गया हैैैैबन गया है शौदा कुछ पाने की है चाहतक्योकी जिस्म आशिकोका मुकाम हो गया हैं Оформить и …

आवारे

हम तो है आवारे, आवारे रहेंगेतेरी शहर तेरी गलिया चौबारे ही रहेंगेतू कर न कर मुहाब्त मुझसे मेरे शनमपर हम तो हैं तुम्हारे ,तुम्हारे रहेंगे Оформить и получить экспресс …

आम आदमी-अरूण कुमार झा बिट्टू

आम आदमी चुप हैं,गलत के भी सामनेकारण डर नही वो प्यार है जो वो अपने परिवार से करता हैं। Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на …

इतिहास उसी का पूजेगा

इतिहास उसी को पूजेगाजो सबसे जा कर नही पूछेगाजो ठान लिया अपने मन मेउस लछ्य मे खुद को सीचेंगाइतिहास…………जो हार से न डर जाता होजो थोड़े मे न घबराता …

मॉ बाप – अरूण कुमार झा बिट्टू

देखे हैं बड़े मॉ बाप को बोझ समझने वालो कोखुशियां उनके दर से कोसो दूर हैं। Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в …

मेहनत की रोटी-अरूण कुमार झा बिट्टू

जाने क्या बात हैं साहब मेहनत की रोटी में।सूखी हैं बिन चीनी के भी बड़ी मीठी लगती हैं । Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на …

भूल जाना अच्छा

गुजरे हुए जमाने को न दोहराना अच्छावो जान कर भी हैं अनजाना अच्छाबहुत सेह चुके उनकी यादों के जुल्मो सितमअब दिल भी कह रहा हैं , उसे भूल जाना …

दोस्त – अरूण कुमार झा बिट्टू

बच्चपन के दोस्त कही जब मिल जाते हैं।दिल मे दबे भाव भी लव पे खिल जाते हैं।गम्भीरता बातो से जाने कहा जाती हैं।बच्पन की बातो मे बच्चपन लौट आती …

गरीबी के निशान- अरूण कुमार झा बिट्टू

हैं राहे रेत ऐ एैसा की एक निशान छपता हैं,इस गरीबी के चादर के सब आर पार दिखता हैंछुपाना चाहता हूं मैं पहन कर जो जरा महगांनिशान मुख पे …

मुक्म्मल जहॉ- अरूण कुमार झा

एक मुक्म्मल जहॉ की खातिरलड़ना मुनासिबहोना हैं वो सही होगा तू चले चल मुसाफिरराह कांटो से भरी होया पथरीली होतेरे कदमो के निशानचाहे लहू से गीली होरात घनघोर हो …

कसम – अरूण कुमार झा बिट्टू

कसम तो खाई थी हमने, मगर निभा न सकेजिसे बसाया था दिल मे, उसे हम पा न सकेलड़ा दुनिया से पर, हुआ बदनाम मगरहम अपनी जान को,अपना ही पर …

शराबी और तर्क – अरूण कुमार झा बिट्टू

शराबी हू यारो शराब पीता हूंगम जाम मे मिलाकर बार बार पीता हूंन गिला करता हूं न मैं सिकवा करता हूंबस जाम के सहारे जख्म सिला करता हूंशराबी हूं………..कब …

सनम-अरूण कुमार झा बिट्टू

कितने हंसी वादिया हैंकितने हंसी हैं नजारेतुम सामने मेरे बैठोभर लू मै प्यासी निगाहेंइन नैनो की गहराईया क्यासागर भी इसमे समाएहोठो की इन सुर्खियो सेफूलो ने रंगत चुराएये चुपके …

इश्क – अरूण कुमार झा बिट्टू

जब इश्क की गली मे कदम पड़ जाता हैंपता चलता नही हद निकल जाता हैंछोड़ दे चाहे सब,दूर हो चाहे रबइश्क के रंग मे डूब जाते हैं जबन फिकर …

सोच-अरूण कुमार झा बिट्टू

मत सोच की तू कमजोर हैं प्यारेहैं निर्बल नही ,तू जग का वीरहॉ सोचेगा मैं निर्बल हूं तोहो जाएगा निर्बल और दीनअपनी भुजा से मसल कर रख देंवक्त के …

शानो सफर – अरूण कुमार झा बिट्टू

वो हर एक सीना फाड़ दूंअरे काल को भी काल दूंमजाल किसकी हैं इधरडाल बच जाए तुझ पे बुड़ी नजरऐ मेरे प्यारे वतन ,ऐ मेरे प्यारे वतनवो तो आता …

मानता हू जिन्दगी ने मुझे कम दिया- अरूण कुमार झा बिट्टू

मानता हू जिन्दगी ने मुझे कम दियापर ये कम है क्या तेरे जैसा सनम दियाजब भी आई बरसात दर्दे गम कातेरी प्यार ने हर दर्द को मलहम दियानही मकान …