Category: अरूण कुमार झा ‘बिट्टू’

शायरी अरूण कुमार झा बिट्टू

# अपने दोस्त थोड़े कम ही बनते है क्योंकि हम जुबां के सच्चे हैं हजूर मिटना हो तो मिट भी जाते हैं । क्योंकि हम वसूलो के पक्के हैं …

शायरी- अरूण कुमार झा बिट्टू

# शायर हूं मैं साहब शायराना अंदाज हैं। मेरी दौलत कुछ और नहीं बस दिल की आवाज हैं। # तू मेरी चाहत हैं। तू मेरी इबादत हैं। मैं कैसे …

शायरी- अरूण कुमार झा बिट्टू

* हम तो थे दीवाने दीवाने रहेंगे। अब सिर्फ तेरी यादों के सहारे रहेंगे। तू कर ना कर मुहब्बत अब ओ मेरे सनम पर हम तो थे तुम्हारे तुम्हारे …

शायरी – अरूण कुमार झा बिट्टू

1 तेरी चाहत की आग में जलने लगा हूं तेरी फिक्र बेशुमार करने लगा हूं तू कर न कर मुहब्बत ये तेरी मर्जी पर मैं तुझसे प्यार करने लगा …

रक्षाबंधन – अरूण कुमार झा बिट्टू

मिठाई की दुकानों पर कतारे लगने लगी रंग बिरंगी रखियो से बाजारे सजने लगी बहने चली हैं आज भाईयो के द्वार प्रेम उमड़ा हैं सबके चेहरे पे आज भाई …

मेरी शायरी – अरूण कुमार झा बिट्टू

# जरूरी नहीं कि जिंदगी बड़े आराम से जिया जाए खुशनुमा सुबह खुशनुमा शाम से जिया जाए मान तो मिलता हैं उन्हें मिलता रहेगा जो तै कर चुके हैं …

जनता चुप रहना सीखो – अरुण कुमार झा बिट्टू

जनता चुप रहना सिखो नमो नमो कहना सीखो लव खोलोगे पछताओगे विद्रोही काहलाओगे कीमत बढ़ती हैं बढ़ने दो नोकरी छिनती है छीनने दो रोजगार नहीं है तुम देखो बत्तर …

बेरोज़गारी व आरक्षण – अरुण कुमार झा बिट्टू

क्या कहा पढ़े हो अभी घर पर बैठो BTech किए हो फिर भी घर पर बैठो। सरकार को नौकरी से सरोकार नहीं। इनके पास वादे हैं रोजगार नहीं क्या …

चांद से बाते – अरुण कुमार झा बिट्टू

कल मुझे मेरे छत पर मिल गया था चांद हस रहा था केह रहा था क्या खूब है इंसान उलझनें अपनी बनाकर खुद उलझते है हर बार तै नई …

लाल बत्ती का कारोबारी – अरुण कुमार झा बिट्टू

जरूरी नहीं कि पैसे वाले ही बड़े होते हैं मैंने गुदरियो में भी बड़े बड़े बड़े देखे हैं उम्र बीतती हैं पेट भर की आग बुझाने में। पर आंखो …

सरकार – अरुण कुमार झा बिट्टू

कमाल है भाई कमाल हैं जनता बेसक परेशान हैं पर सरकार बनती महान है। कमल है। करोना काल न संभाली गई मौत ऐसी बाटी गई शमशान में ना जगह …

मेरी शायरी – अरुण कुमार झा बिट्टू

# इतनी रफ्तार ठीक नहीं है। कहा जाना है भाई। चार ही दिन की हैं जिंदगी। क्या उससे भी मन भर आयी। # जीत कर भी कोई जीत पाता …

मेरी शायरी – अरुण कुमार झा बिट्टू

* ए गुड़िया मेरी महफूज रहे। जीवन के साल हजारों हो। तू हस्ती रहे मुस्काती रहे। चाहे पत्थर भी मुझे पिघलने हो। * मुझे जिंदगी में बस इतने से …

तेरी मुहाब्बत सदा चहता हुँ- अरुण कुमार झा बिट्टू

और जिन्दगी से मैं क्या चहता हु। तू हो तेरी सोहबत सदा चहता हु। कमी हयातो मैं बहुत हैं चलेगी पर तेरी मुहाब्बत सदा चहता हु।

जंग जीत जाऐगे- अरूण कुमार झा बिट्टू

वक्त बीता है सभी ,ये भी बीत जाएगा ।फिर एक बार मेरा देश ,जंग जीत जाएगा ।आज खामोशी है, उदासी है, बेबसी है दर्रा-दर्रा ।फिर एक बार मुस्कुराना, लब …

गरीबी- अरूण कुमार झा

आज कल कुछ लोग थोङा दान करते है।ले कर सेल्फी गरीब की निज मान करते है।इससे तो अच्छा है साहब यू दान ना करो।गरीब की मजबूरी का अपमान ना …

करोना- अरूण कुमार झा बिट्टू

ओ प्रभू कुछ तो बता ,क्या खता हमसे हुईकब्र भी कम पङी ,लाशो की है ढेरी लगीडर से है कर्राहता, निराश जन जन है खङादेख मौत साथी की , …

अफसोस- अरूण कुमार झा बिट्टू

1-मत अफसोस कर ए दिल,मेरे न बहुत कमाने पेमै हू सफल अच्छे अच्छे चूकेदामन बेदाग बचाने मे2-ऐ दिल खुश रहा करकब तक कमिया गिनवाऐगाइस जीवन की शाम है आनीजाने …