Category: अंकित जैन

वक़्त

​ठहरजाता है वक़्त,थम जाता है वक़्त, वक़्त की मिज़ाज़ क्या? हार जाते है सब। ज़रा देखो, जरा सोचो! निर्जिव जो,भागे तेज़जरा सोचो, जरा देखो!खुली किताब, पढी पेज।यह ज़िंदगी की …

हैं दोनो ही इंसान

मै मुसलिम हूँ, तू हिन्दू हैं ………..हैं दोनो इंसानला मै तेरी गीता पढ लूँ , तू पढ ले मेरी कुरान ना मैने अपना अल्लाह देखाना देखा तूने भगवानहम दोनो …