Category: आलोक उपाध्याय

एक-दूसरे से हाथ मिलाओ…

हँसो और हँसाओ, सूनहरे गीत गाओ.. सबको सूनाओ… क्या रखा है लडने मे, आपस मे झगडने मे.. एक-दूसरे से हाथ मिलाओ… भगवान पे पैसे मत उडाओ… एक-दूसरे के भगवान …

चलो कुछ पुराने दोस्तों के

, ? दरवाज़े खटखटाते हैं, देखते हैं उनके पँख थक चुके है, या अभी भी फड़फड़ाते हैं, हँसते हैं खिलखिलाकर, या होंठ बंद कर मुस्कुराते हैं, वो बता देतें …

वो कल भी भूखा सोया था फुटपाथ में

वो कल भी भूखा सोया था फुटपाथ में, अचानक खूब पटाखे चले रात में. झूमते चिल्लाते नाचते लोगों को देखा तो हर्षाया, पास बैठी ठिठुरती मां के पास आया. …