Category: आलोक उपाध्याय

क्या मैं और क्या अहम By Poet Alok Upadhyay & Concept by T. Veeru

कूदरत ने बनाया सबकोंसबको कूदरत में मिल जाना हैं ,क्या मैं और क्या अहमसब एक से हैं ये बताना हैं ।नफ़रत की धारा में हमनेंअपना चैन अमन सब बहां …

उसकी खुशियाँ By Alok Upadhyay

वो मूझे देख मुस्कुराती हैंवो मेरी बातों पे हँसे ,जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,हे ऊपरवालेकैसे भी कहीं से भीवो खुशियाँ तूं लाके दे उसे …

ऐ बारिश by Alok Upadhyay

ऐ बारिशतेरे साथ बचपन की यादें जूडी हैंयाद है ,वो स्कूल से आनाआते वक्त भीग जाना ,स्कूल ना जानाबारिश तूं ही तो थीस्कूल ना जाने का बहाना । ऐ बारिशतेरे …

ये आपसे कितना प्यार करता हैं By Alok Upadhyay

हर वक्त तुम्हारी फ़िक्र करूं ,खुद से करूं बातेंबातों मे तुम्हारा जिक्र करूं …,दिल भी तुम्हारे फोन का इंतजार करता हैं ,देख लो सोनी जीये आपसे कितना करता हैं …

अनोखी दोस्ती By Alok Upadhyay

अपनी ही बात पे खिलखिलाएँ जो तूंआखें भर आएं मेरी ,औरइतनी सी बात पे मुंह फुलाए जो तूंहोठों पे आएं हँसी…या तो बाते अजीब है मेरी ,या दोस्ती अनोखी …

अंतिम यात्रा by Alok Upadhyay

किसी शायर ने अंतिम यात्राका क्या खूब वर्णन किया है…..था मैं नींद में और.मुझे इतनासजाया जा रहा था….बड़े प्यार सेमुझे नहलाया जा रहाथा….ना जानेथा वो कौन सा अजब खेलमेरे …

“माँ” A Heart Touching Poem By Alok Upadhyay

लेती नहीं दवाई “माँ”,जोड़े पाई-पाई “माँ”।दुःख थे पर्वत, राई “माँ”,हारी नहीं लड़ाई “माँ”।इस दुनियां में सब मैले हैं,किस दुनियां से आई “माँ”।दुनिया के सब रिश्ते ठंडे,गरमागर्म रजाई “माँ” ।जब …

Five Popular Lines Of Alok Upadhyay

1.छोटीसी जिंदगी बची हैं मेरी ,हँसते-हँसते काट रहाँ हूँ …,वक्त नही हैं रोने काफिलहाल खूशियाँ बाँट रहा हूँ …!2.कहते हैं अकसर सब मूझसेंबडा अजीब हैं यार तेरा …,अब उनहें …

खो गया शायद बच्चो का संसार a poem of school life stress by Alok Upadhyay

लाद के कंधो पे भारी से बस्ते, चल पडे वहाँ जहाँ भटका गएँ रस्ते, रो-रो कर करने लगे वो पढाई, मानो किताबो से है उनकी लडाई., माँ-बाप को बच्चो …

मेरे यारो का पागलपन Funny Friends of ALOK UPADHYAY

वो मेरे यारो का पागलपन जिसपे फिदा है मेरा मन, वो मेरे यारो का हसनाँ-हसानाँ और क्लासं मे मेरा गाने गाना, Sanju bhatia का आपस मे लडना वो अपने …

मोबाईल बना हैँ हर लड़की की शान

मोबाईल बना हैँ हर लड़की की शान … Miss काल करके लड़को को करती हैँ परेशान, ॰ ॰ SMS मेँ लिखती Miss U मेरी जान.. तुम्हारी आवाज़ सुननेको तरसे …

मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख

ये हिन्दू वो मूस्लिम तूँ ईसाई वे सिख.., मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख…! तेरा अल्लाह ईश्वर एक है, तेरे ईरादे अगर नेक है.., तो तेरा …

अंग्रेज़ी VS अंग्रेज़ी : HINDI VS ENGLISH poem by ALOK UPADHYAY

अंग्रेज़ी सीना तान घमण्ड में खड़ी है।। दूर कहीं कोने में ‘हिंदी ‘उर्दू ‘लज्जित पड़ी है।। नमस्ते सलाम की जगह लेली hi ने।। अलविदा दस्तूर को लात मर दी …