Category: अभिषेक राजहंस

आप हमेशा रहोगे

जिसने भी खबर फैलाईवो निहायत ही झूठा थामुझे अच्छी तरह से पता था कीमैं आपके भीतर बसता थाफिर कैसे आप मुझसे बिना पूछेकहीं भी जा सकते थेमैंने वादा तो …

मैं तुम्हारे बिना….

मैं तुम्हारे बिना…अब धीरे-धीरे मरने लगा हूँजो ब लगा के गयी तुम आगउसी आग में जलने लगा हूँकैसे कहूँ और किससे कहूँतुम्हारे दिए दर्द को कागज पर उतार करमैं …

क्यों उसे बदनाम कर दूँ

वो दर्द ही क्या जिसे सरेआम कर दूँबेचने को तो सब कुछ बेच दूँपर उसकी यादें कैसे नीलाम कर दूँइश्क़ मेरा था,जैसा भी थाआखिर क्यों उसे बदनाम कर दूँहाँ, …

सुन री रे सरकार

सुन री रे सरकारलोकतंत्र का कर दिए हो व्यापारलगेगी हाय गिरेगी तूआँसुओं का एक एक कतरा मिल कर अब समंदर बन रहा हैदेख तुम्हारे पतन के लिएअब कोने-कोने से …

मुझे अकेला रहने दो

दखलअंदाजियाँ पसंद नहीं मुझे मुझे अकेला रहने दो कोई हाल न पूछे मेरा चुपचाप सा मुझे रहने दो मेरे गमों की बोलियां मत लगाए कोई नहीं बिक सकते ये …

वो साँवली सी लड़की

वो सांवली सी लड़कीअपनी ललाट के बीचो बीचएक छोटी सी काली बिंदी लगाती हैआँखों मे अजीब सी चमक लिएरोज मेरे घर के सामने की सड़क से गुजर जाती हैपता …

पहली नजर का पहला मुहब्बत

तुमहाँ, तुमजरूरत नहीं होमेरी आदत होख़्वाब में मिली एक शोहरत होतुम कहीं और नहीं मेरे भीतर होमेरे दिल मे उठी बगावत होयकीनन तुम मेरी पहली मोहब्बत होतुमहाँ, तुमआखिर क्यों …

मेरा ख़ुदा खो गया है

क्या वो ख़ुदाकहीं खो गया हैया मुझसे ख़फा हो गया हैअपना मुँह क्यों मुझसे मोड़ चला हैक्या रहता नहीं है वो अबमंदिर,मस्जिद ,गुरुद्वारों में या वो खुद ही अपना …

मैं अपने साथ हूँ और खुश हूँ

तुम्हे क्यों लगता हैअगर तुम नहीं रहोगी तोमैं भी नहीं रहूँगामेरे दर्द पर तुम मुस्कुरा सकोभला इतना हक तुम्हे कैसे दूंगातुम ये मत सोचो कितुम्हारे इन्तज़ार मेंज़िंदगी भर रुका …

अभी तौबा न किया जाए

शीर्षक–अभी तौबा न किया जाएअभी तौबा न किया जाएजो चल रहा है उसे चलने दिया जाएअभी पर्दा मत गिराया जायेउनके होने से आपको फर्क पड़े या ना पड़ेपर उनके …

तू मुझे अब..

तू मुझे अबउस ख़ुदा जैसी लगती हैइश्क़ हुआ था तुमसे रमजान मेंतू मुझे दिन भर की प्यास मिटाने वालीइफ्तार सी लगती हैतू मुझे अबसुबह के तीन बजे जगाने वालीसेहरी …

वो मेरी माँ

वो मेरी नींद की लोरीवो मेरी जुकाम की गोलीवो तपती धूप की आँचल की छतरीवो तवे की गोल-गोल रोटीवो रौशनी मेरीवो मेरी पहली वर्तनीवो मेरी सौ तक की गिनतीवो …

मैं तुम्हे फिर मिलूँगा

मैं तुम्हे फ़िर मिलूँगाकब ,कहाँ और कैसे ये तो नहीं पतापर दुनिया गोल है शायद इसलिए कभी न कभी और कहीं न कहीं मैं तुम्हे फिर मिलूँगागर लिखा होगा …

सब मिट्टी हो जाता है

जो भी छूता हूँ आजकलसब मिट्टी हो जाता हैस्वपन ,स्वपन ही रह जाता हैजितना उठाने की कोशिश करता हूँउतना ही भरभराकर अस्तित्व मेरा गिर जाता हैमिट्टी का बूत हूँलड़ते-लड़ते …

इश्क़ किया है ना..

तुम जब मिलोगी नतो मैं तुम्हारी तारीफ नही करूँगाना ही तुम्हें ऐसा कुछ महसूस होने दूंगाजिससे तुम्हे कुछ ऐसा वैसा लगेतुम्हे देख कर कुछ होने लगता है मुझेजिसे मैं …

वो नन्ही परी

वो भी तो एक परी थीअभी खिलना बांकी था उसकावो तो एक नन्ही कली थीछोटे-छोटे रुनझुन करते पायलऔर छोटी कलाई में रंगबिरंगी चूड़ियाँकितना सलोना था मुखड़ा उसकावो जो बिटिया …

रात तू थोड़ी नींद भेज

रात तू थोड़ी नींद भेजनींद में एक ख़्वाब भेजख़्वाब में उसकी सूरत दिखाउस मनमोहिनी की मूरत दिखासुकून की चाहत नहींतू उसके इंतज़ार में मुझे करवटे बदलना सीखाउसके लबो की …

मुझे जानती है तू

मुझे.. मुझसे ज्यादा जानती है तूमैं हो नहीं सकता तुम्हाराफिर भी मुझेअपना मानती है तूकितनी भी दूर रहती हो भलेपर अपनी एक छींक से हीमुझे याद कर लेती है …

तुम हो ..सिर्फ तुम हो…

हाँ, कहना था तुमसेअपनी कई रातों के जागने का राजतुम चाँद बन गयी थी मेरीजिसे देखने के लिए मैं छत परआजकल रोज-रोज जाने लगा थावैसे तो केमेस्ट्री बिल्कुल भी …

हम सिर्फ दोस्त है ना

पढिये मेरी नयी कहानी का पहला हिस्सा-शीर्षक-हम सिर्फ दोस्त हैं नाआज घर की साफ सफाई करते हुए मुझे एक पुराना ग्रीटिंग्स कार्ड मिला , उस कार्ड का कवर साबित …

जो बीत गया ,वो बीत गया

जो बीत गया ,वो बीत गयाआखिर क्यों तू उस दर्द को दुहराता हैपी गए जब शम्भू हलाहल तो तू क्यों विष मात्र से घबराता हैक्या सूरज ने उगना छोड़ …

तुम मुझे…

तुम मुझे..अंधेरी कोठरी में जलता चिराग लगती होउम्मीदों को समेटे हुएतुम मुझे खुला आसमान लगती होजिसे बार-बार पढ़ने को दिल करेतुम मुझे वही किताब लगती होतुम्हारा होना नासुकून भर …