Tag: Vivek pathak

झूम उठा हर गांव

कोयल की कूँ कूँकोये की कांवबरस रहे बदराझूम उठे है गांवखेतो में मोरपानी में मेंड़कअंधेरा छाया आसमा मेंपर हर कली है जगमगघूम घूम बदरा घनघोरमोर नाच रहे चारो ओरइन्द्रधनुष …

श्मशान और कब्रिस्तान जीता है

जिन्हें रोटी दो वक्त की ना मिली होवो 2 गज जमीन को लड़ते हैंघर की छत का पता नहींवो औरत के लिबास को लड़ते हैंकोई हिंदू तो कोई मुस्लिम …

मेरे देश का अन्नदाता

मेरे वतन में खुशहाल है सभीनेता ,व्यापारी और कवीबस एक भूखा जगे , और सो जाता हैमेरे देश का अन्नदाता , बेबस लाचार सा रह जाता हैकिताबों में उसकी …

मुझे खामोश रहने दो 

मुझे खामोश रहने दोसुना है ईश्क सच्चा हो तोखामोशी खून बनकर रगों में नाच उठती हैअभी कुछ दिन मुझे मेरी मुहब्बत आजमाने दो उसे मै क्यू बताऊ,उसे मैने कितना …

shayari

कभी जिंदगी को जिंदगी से लड ते देखनाजो जीती वो मोती होगीया जो हारी वो भी मोती होगी Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые …