Tag: top urdu hindi shayri by salim raza rewa

बुलन्दी मेरे जज़्बे की – salimrazarewa

बुलन्दी मेरे जज़्बे की ये देखेगा ज़माना भीफ़लक के सहन में होगा मेरा इक आशियाना भीअकेले इन बहारों का नहीं लुत्फ़-ओ-करम साहिबकरम फ़रमाँ है मुझ पर कुछ मिजाज़-ए-आशिक़ाना भीजहाँ …

जहां में तेरी मिसालों से रौशनी – सलीम रज़ा

जहां में तेरी मिसालों से रौशनी फैलेकि जैसे चाँद सितारों से रौशनी फैलेतुम्हारे इल्म की खुश्बू से ये जहाँ महकेतुम्हारे रुख़ के चराग़ों से रौशनी फैलेक़दम क़दम पे उजालों …

पांच शे’र – सलीम ‘रज़ा’ रीवा

आईना देख के वो मुस्कुरा के कहते हैंऐसी सूरत भी भला तुमने कहीं देखी है-मेरी तस्वीर में चेहरा बहुत पुराना हैअब जो देखोगे तो पहचानना मुश्किल होगा-आज भी उनकी …