Tag: raquimali’s poem

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल कीसंचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा।यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमकोहमारे घर के सारे …

ये मधुर एहसास मेरे-Raquim Ali

।आप सभी गुणी जन को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।ये मधुर एहसास मेरेये नहीं बिल्कुल अकेलेसाथ में हैं सारी यादेंसाथ हैं सारी अदाएं।साथ में दिन-रात हैं सबसाथ …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आतेकैसा लगता?बेहद फीका-फीका लगताइतने चुस्त-दुरुश्त न हो पातेहम इतने रोमांचित न हो पाते।जवानन इतना मचल पातेबच्चे, गुब्बारे न उड़ातेमौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पातेवे खुशियां न मना …

हमसे कोई क्या टकराएगा..Raquim Ali

सिक्किम,  अरुणाचल की छोड़ोचीन, एक इंच भूमि न ले पाएगाकिसी भी देश की क्या जुर्रत है,भारत को जो आँख दिखाएगा?भारत महाबली, परमाणु-सम्पन्न है, अब कमजोर नहीं हैहमसे कोई क्या …

समर्पण…Raquim Ali

समर्पण1.शादीशुदा के लिए:उठने लगे तेरी क़लम जब एक नग़मा या खत लिखने के लिएसोच लो यह निस्बत-ए-माशूका है, या अहल-ए-खाना के लिए।हो कलाम किसी और पर, तो तोड़ देना …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं*इल्म व आमाल से, जो हैं रोशनजिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकीवाज़ करते हैं जो सीधी राहों कीऔर जो खुद उन पे …