Tag: Raquim Ali’s Poems

मानवता जाग उठेगी..Raquim Ali

अभी तो सोया है इंसानकहीं पर खोया है इंसानअभी न रखता किसी का ध्यानअपरमित समझता खुद का ज्ञानएक दिन जागेगा इंसान, मानवता जाग उठेगी;तभी तो होगा सबका कल्याण।अभी तो …

ये मधुर एहसास मेरे-Raquim Ali

।आप सभी गुणी जन को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।ये मधुर एहसास मेरेये नहीं बिल्कुल अकेलेसाथ में हैं सारी यादेंसाथ हैं सारी अदाएं।साथ में दिन-रात हैं सबसाथ …

बकरीद की शुभकामनाएं…RaquimAli

जब कोई शुद्ध शाकाहारीजब बकरीद के मौके परकिसी मुस्लिम के लिएमैसेज टाइप करता होगाजब कोई शुद्ध शाकाहारीबकरीद पर मुबारकबाद कामैसेज भेजता होगाया ज़ुबान से कहता होगा;जरूर उसके दिल में …

हम सब बच्चे एक बाग़ लगाते हैं… Raquim Ali

भाग -1दस बच्चों का खेल-खेल मेंएक बनाया गोलासोनू ने चिल्ला-चिल्ला करसब बच्चों से यूं बोला-‘चलो छोटू, चलो मोटूचलो मंटू, चलो संटूचलो चिंटू, चलो मिंटूचलो टुन्ना, चलो टुन्नीचलो मुन्ना, चलो …

रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधनजब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहारचित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवारफिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार।भले साल भर लड़ते …

भटकती हुई जो नई पीढ़ी है..Raquim Ali

भटकती हुई जो नई पीढ़ी हैजिस तरह तेजी से दुनियां आगे बढ़ती जा रही हैजिस तरह तेजी से नई पीढ़ी, बदलती जा रही है।जिस तरहनई पीढ़ी में स्मार्टफोन से …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आतेकैसा लगता?बेहद फीका-फीका लगताइतने चुस्त-दुरुश्त न हो पातेहम इतने रोमांचित न हो पाते।जवानन इतना मचल पातेबच्चे, गुब्बारे न उड़ातेमौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पातेवे खुशियां न मना …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-3)…Raquim Ali

भाग-329.06.2017, सुबह:पांच दिन के बाद जब मैं निवास पर वापस अकेले लौटा:दो बच्चे आँखे बंद, घोंसले में सुस्त पड़े दिखे मुझकोतीसरे अंडे का क्या हुआ, आइडिया   नहीं है …

एक पेड़ जो लगाओगे…Raquim Ali

एक पेड़ जो लगाओगे, बहुत पुण्य तुम पाओगेतेज गर्मी में धूप से बचने के लिएजब कोई इंसान या जानवर आएगाउसकी छांव में सुस्ताएगा।बहुत सवाब तुम पाओगे।जब कोई चिड़िया चूं-चूं …

‘श्रीराम मेरे ही हैं’ … Raquim Ali

‘श्रीराम मेरे ही हैं’ तू यह कहता है’किशन हैं मेरे’ तू यह भी कहता है’पावन गंगा मैय्या हैं मेरी यमुना की जलधार मेरी है’तू यह कह कर नादान न …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद)भाग-2(07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थीपुराने घोंसले पर बैठ जाती मन को मेरे …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं।……………………….2. अपनी: मंद-मंद सी …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं*इल्म व आमाल से, जो हैं रोशनजिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकीवाज़ करते हैं जो सीधी राहों कीऔर जो खुद उन पे …

वाह रे इंसान-Raquim Ali

…भाग -१…वाह रे इंसानकहां पहाड़-समंदर-गहरी खानछोटा-सा कद, पर लेता है सबको छानआकाश छू लेने का पाले रहता अरमान!प्रतिफल है उसकी प्रबल इच्छा-शक्ति कादुनिया भर का हर अद्भुत-नया साज-सामानतल्लीन-तपस्वी-तत्पर है, …

किस्मत में है इनके मिट जाना–Raquim Ali

ये हवाएं, ये फ़िज़ाएं ये बहारें, ये नज़ारेचंद दिनों के हैं;ये अदाएं, ये सदाएंये तरानें, ये फ़सानेचंद दिनों के हैं।ये जवानियां, ये रवानियां ये सजावटें, ये बनावटेंचंद दिनों के …