Tag: Raquim Ali ki Kavitaayein

मेरा मुल्क किस तरफ जा रहा है..Raquim Ali

आते-आते अब मेरे देश में एक ऐसा अज़ीब ज़माना आया है;बलात्कारी-हत्यारे को समर्थन देकरवकीलों ने प्रदर्शन करके हीरो बनाया है।अब तो बलात्कार और हत्या का भीजातिकरण, साम्प्रदायिकरण होता जा …

बकरीद की शुभकामनाएं…RaquimAli

जब कोई शुद्ध शाकाहारीजब बकरीद के मौके परकिसी मुस्लिम के लिएमैसेज टाइप करता होगाजब कोई शुद्ध शाकाहारीबकरीद पर मुबारकबाद कामैसेज भेजता होगाया ज़ुबान से कहता होगा;जरूर उसके दिल में …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खलासमुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा;जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं,कभी तो पैदा किए गए होंगेकोई तो होगा जो इन्हें कन्ट्रोल करता …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद)भाग-2(07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थीपुराने घोंसले पर बैठ जाती मन को मेरे …

ऐसे रिश्ते… Raquim Ali

** ऐसे रिश्ते ** एक लड़के की, एक लड़की सेएक मर्द की, एक ग़ैर औरत सेअगर बेसाख्ता गहरी दोस्ती होती हैअगर बेसाख्ता सखा-सखी होती है;अगर उनमें हंसी-मजाक होते हैंमान-मनौव्वल …

बहुत मुश्क़िल है, उन्हें पा जाना… Raquim Ali

बहुत मुश्क़िल हैबेलगाम नौकरशाही कोपटरी पर ला पाना।बहुत मुश्क़िल हैकिसी से, बिना दबाव केनुक़्ते भर का सुधार करवा पाना।बहुत मुश्क़िल हैगर्दिश में पड़े हुए रिश्ते परप्यार का रंग चढ़ा …

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर,घनघोर घटा छाई होआंधियां चल रही होंबारिश मूसलाधार हो;अगर,अमावस की रात होहर सिम्त में फैला हुआबेइंतहा अंधकार हो।अगर,मेरे हाथ में सिर्फ़टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ हो मेरे ख़ुद के सहारे …