Tag: raquim ali kee kavitaayen

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल कीसंचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा।यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमकोहमारे घर के सारे …

बंद.. Raquim Ali

दो अप्रैल, सन् अठारह को SC/ST का भारतबंद’दस’ को सवर्ण करेगा भारतबंद;’चौदह’ को फिर SC/ST का भारतबंदOBC का बंद अभी तो बाकी हैअभी तो बाकी है सिख, जाट का …

अब वे हैं कि जो मेरी राहों पे… Raquim Ali

अब वे हैं कि… कभी हम, उनका बहुत इंतजार किया करते थेअब वे हैं कि जो मेरा शिद्दत से इंतजार करते हैं;कभी हम उन की राहों को बेजार तका …

हम सब बच्चे एक बाग़ लगाते हैं… Raquim Ali

भाग -1दस बच्चों का खेल-खेल मेंएक बनाया गोलासोनू ने चिल्ला-चिल्ला करसब बच्चों से यूं बोला-‘चलो छोटू, चलो मोटूचलो मंटू, चलो संटूचलो चिंटू, चलो मिंटूचलो टुन्ना, चलो टुन्नीचलो मुन्ना, चलो …

रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधनजब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहारचित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवारफिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार।भले साल भर लड़ते …

भटकती हुई जो नई पीढ़ी है..Raquim Ali

भटकती हुई जो नई पीढ़ी हैजिस तरह तेजी से दुनियां आगे बढ़ती जा रही हैजिस तरह तेजी से नई पीढ़ी, बदलती जा रही है।जिस तरहनई पीढ़ी में स्मार्टफोन से …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आतेकैसा लगता?बेहद फीका-फीका लगताइतने चुस्त-दुरुश्त न हो पातेहम इतने रोमांचित न हो पाते।जवानन इतना मचल पातेबच्चे, गुब्बारे न उड़ातेमौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पातेवे खुशियां न मना …

एक पेड़ जो लगाओगे…Raquim Ali

एक पेड़ जो लगाओगे, बहुत पुण्य तुम पाओगेतेज गर्मी में धूप से बचने के लिएजब कोई इंसान या जानवर आएगाउसकी छांव में सुस्ताएगा।बहुत सवाब तुम पाओगे।जब कोई चिड़िया चूं-चूं …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं।……………………….2. अपनी: मंद-मंद सी …

*थे वे शर्माए* …Raquim Ali

*थे वे शर्माए*अति रंजितअनजान सफरथे वे शर्माए;दादा आदमउतर धरा परथे जब आए।अकेलेपन-घोर अकेलेपनमें थे वे घिरे;दादा आदमकोई कहे मनु जी चिंतित पड़े;वैसी ही पीड़ा दादी ने भी था झेलातो …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं*इल्म व आमाल से, जो हैं रोशनजिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकीवाज़ करते हैं जो सीधी राहों कीऔर जो खुद उन पे …

इम्तेहान…Raquim Ali

*इम्तेहान*कंपकंपी आने लगती हैदिमाग करता नहीं है काम माथे से पसीना छूटने लगता हैजब आता है इम्तेहान का नाम ; जिंदग़ी में एग्जाम के कई पर्चे होते हैं, जैसे- …

उम्र के आईने में… Raquim Ali

वह सोचता है-‘मैं खूबसूरत हूँ जवान हूँ, महान हूँ’; वह सोचती है-‘मैं बेहतरीन हूँ हसीन हूँ नाज़नीन हूँ ‘।******जब,उम्र के आईने में, वे झांकते हैंनिकल पड़ती है, उफ़ लबों …