Tag: randeep choudhary bharatpuriya

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँमैं जगता हूँ रातभरचौकस निगाहें गड़ाए हुएउस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊंइसमे भी संशय हैउसके लिए जो अभी अभीछाती से लगाके सोई है मासूम बच्चे कोमैं …

चिड़िया

शाम बढ़ती जा रही थीबेचैनी उमड़ती जा रही थीशाख पर बैठी अकेलीदूर नजरों को फिरातीकुछ नजर आता नहीँफिर भी फिरातीचीं चीं करती मीत को अपने बुलातीपंख अपने फड़फड़ातीबाट में …

मैं आधुनिक नारी हूँ

मै अबला नादान नहीं हूँदबी हुई पहचान नहीं हूँमै स्वाभिमान से जीती हूँरखती अंदर ख़ुद्दारी हूँमै आधुनिक नारी हूँपुरुष प्रधान जगत में मैंनेअपना लोहा मनवायाजो काम मर्द करते आयेहर …