Tag: poet piyush raj

कट गया चालान…(हास्य व्यंग्य)

अपरिहार्य कारणों के कारण कुछ समय के लिए यह रचना हटाया गया है ,कुछ समय बाद पुनः यह रचना आप पढ़ सकेंगे ,इस रचना का सर्वाधिकार लेखक पास सुरक्षित …

हां, हम झारखंडी है….(कवि पियुष राज ‘पारस’)

_”वैसे तो हम सब हिंदुस्तानी है ,पर ये कविता इसलिए लिखा हूँ क्योंकि जब झारखंड के लोग दूसरे राज्य जाते है तो वहां उनका वेश-भूसा ओर बोली का लोग …

आग (पियुष राज ‘पारस’)

मेरी नयी कविता कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर ,आपको कैसा लगा जरूर बताएं ,आपकी प्रतिक्रिया के आशा करता हूं 🙏🏻🙏🏻आगज्ञान का कोई मोल नहींयहाँ सुर समाया है काग मेंप्रतिभा झुलस …

भक्तों पर हमला……

अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले पर आक्रोश व्यक्त करती मेरी कविता* ????????महाकाल के दर्शन करने गए थे जोवे ही खुद काल के मुंह मे समा गएक्या थी उनकी गलती …

ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गए

ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गएमैंने तुम से प्यार किया था…..ये तुम क्यों भूल गएतुमको सब कुछ मान लिया था ये तुम क्यों भूल गएसुबह थी तुम शाम थी तुम …

एक अजनबी से इतना प्यार क्यों है..-पियुष राज

उस अजनबी से जुदा होने का मुझे मलाल क्यों हैना चाह कर भी हर वक़्त दिल में उसका ख्याल क्यों हैकुछ कसूर तो उसकी अदाओं का भो है मेरी …

परीक्षा का मौसम…-पियुष राज

Exam Special Poemपरीक्षा का मौसम….सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी हैबरसात में नहीँ है कोई गमसबका सर है चकराने लगताजब आता है परीक्षा का मौसमपढ़ने का मन नही करतापर फेल होने …

वो रास्ता… पियुष राज

वो रास्ता.. जिस रास्ते से गुजरती थी वोवो रास्ता मुझे उसकी याद दिलाता हैजब भी गुजरता हूं उस रास्ते सेतो उसका चेहरा मेरी आँखों में आता हैऐसा लगता है …

अनमोल है बेटियां…-पियुष राज

अनमोल है बेटियांअगर बेटे हीरा है तोहीरे की खान है बेटियांअपने घर-गांव-देश कीपहचान है बेटियांअगर बेटे सूरज है तोगंगा की अविरल धारा है बेटियांअगर बेटे आसमान है तोउस आसमान …

शायरी -पियुष राज

 हुस्न के पीछे भाग रही दुनियाबेनूर चेहरे पर अब फूल नही खिलतेदिल तो एक जैसा है सबका,फिर भीसच्चे मोहब्बत करने वालों कोदिल के किराएदार नहीँ मिलते… पियुष राज 02/01/2017

नववर्ष की बधाई….-पियुष राज

नववर्ष की बधाई…दुनिया आगे बढ़ती रहीबढ़ती रही समय की चालखट्टी-मीठी यादों के साथबीत गया यह साल…कुछ पाया ,तो कुछ खोयाकभी हँसा ,तो कभी रोयाअच्छे-बुरे दोनों वक़्त आएपर धैर्य कभी …

डिजिटल क्रांति का दौर…-पियुष राज

 डिजिटल क्रांति का दौर…विकसित होने की राह मेंबढ़ रहा है भारत देशसारे लेन-देन होंगेअब से कैशलेससारी सुविधाएं ऑनलाइन होंगीअब नही लगेगा कतारना लगेंगे सरकारी दफ़्तर के चक्करऔर ना होगा …

मेरे हर दर्द की,तू ही एक दवा है…(Part-2)

मेरे हर दर्द की,तू ही एक दवा है…Part-2तेरे ही दीदार से होती हैमेरी सुबह और शामजुबां पर रहता है हर वक़्तबस तुम्हारा ही नामबिन तेरे तो मेरे लिएजैसे सब …

मत बैठो कभी खाली…-पियुष राज

मत बैठो कभी खाली…अपने जीवन में खुशियों कीतुम बढ़ाते रहो डालीकुछ-ना-कुछ करते रहोमत बैठो कभी खालीअपने जीवनकाल मेंजो समय को व्यर्थ गवांतेवे अपने पूरे जीवन मेंकभी नही कुछ पातेखाली …

शिक्षा का महत्व–पियुष राज

शिक्षा का महत्वआज के इस युग मेंजिसने ना की पढ़ाईउसके पूरे जीवन कीबहुत कठिन है चढ़ाईबुद्धि के बल परकमजोर भी जीत सकता हैअपने दुश्मनों से लड़ाईजिसे जीवन में ना …

संकल्प-पियुष राज

संकल्प देश को आगे बढ़ाने का देश के लिए कुछ कर जाने का आओ मिलकर संकल्प करें भारत को साक्षर बनाना है हर बच्चे को स्कूल पहुँचाना है बेटा-बेटी …

सबकी अपनी सोच-पियुष राज

सबकी अपनी सोच के रंग अलग हैं,रूप अलग हैं अलग हैं सबकी सोच आपका जीवन कैसा होगा तय करेगी आपकी सोच सकारात्मक सोच वालों का सपना होता हैं साकार …

धरती माँ की पुकार-पियुष राज

धरती माँ की पुकार मच गया है हाहाकार धरती मां की सुनो पुकार मत काटो तुम पेंड़ो को बंद करो ये अत्याचार होती है तकलीफ मुझे जब काटते तुम …