Tag: जीवन पर कविता

कोई  गोरी  ऐसी  मिले – डी के निवातिया

(ताटंक छंद आधारि) कोई  गोरी  ऐसी  मिले *** कोई  गोरी  ऐसी  मिले  जो, मेरे  दिल  की  रानी हो चतुर चपल चंचल हो चितवन, सुंदरता की नानी हो, देव लोक …

नाकामी – शिशिर मधुकर

फूल वो सुख नहीं देता जिसकी खुशबू में खामी है तुम आगे बढ़ नहीं सकते अगर मन में गुलामी है भले कांटें अनेकों हैं महकते गुल की सोहबत में …

चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी वो खो गई

चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी वो खों गईं____मेरी पसंद ,मेरा इंतजार लिखा होता थाशब्दों के हेर फेर इजहार लिखा होता था।मैं पसंद ना आऊं तो मत कहना किसी सेइस …

और भी सितम ढ्हाने को जी चाहता है

वक़्त का मंजर बहते बहते किस लम्हे थम सा जाय,हर शख्स का एक वक़्त होता है, वह हमारा वक़्त नहीं था,पर इसका ये मतलब नहीं की वो वक़्त, वक़्त …

नुकसान – शिशिर मधुकर

तोड़ देना काश रिश्तों को बहुत आसान होता मन तनहा देखो हमारा फिर तो ना परेशान होता राहगीरों की खबर जो पूछ कर के जान लेते इस सफर में …

मज़दूर

कल तक हाथों में जो छाले थे।बो पहुँच गए है पांव तक।मत रोको उनको जाने दो ।उन्हें जाना है अपने गांव तक।सदियों से जिसने शहर सबारे।बो फिरे है धूप …

सयाने – शिशिर मधुकर

देखो तनहा जिंदगी का मेला तो वीरान होगा कर लो मुहब्बत किसी से जीना भी आसान होगा मुहब्बत के बिन तो गरीबी हर पल रहेगी जहन में मिलेगा जिसे …

सबसे ख़ास – शिशिर मधुकर

चलते रहे हैं देख लो मंजिल ना पास है कोई नहीं है जिससे कहें तू सबसे खास है रिश्तों की भीड़ में कोई रिश्ता नहीं मिला कैसे कहूं कि …

रिसते हुए नासूर – शिशिर मधुकर

हरदम रहे है साथ मगर दिल तो मिले नहीं बगिया में महके फूल तभी देखो खिले नहीं जाने क्या क्या सोच कर के मैं खामोश हो गया चुप हूं …

कहते ये लोग हैं – शिशिर मधुकर

उलफत ना तुम तलाश करो कहते ये लोग हैं खुशियों की चाह में यहां मिलते वियोग हैं जड़ से खत्म ना हो सके कोशिश करीं कई दुनिया से पूछ …

मत हो परेशां – शिशिर मधुकर

भूलेंगे तुझको कभी ना वादा है इस बात का सुन फिर से मैं तुझपे उगूंगा बोल शाखा को ये पात का सुन नींदें लगेंगी तभी तो ख्वाबों में कोई …

सूरज की किस्मत – शिशिर मधुकर

तूफान आते रहेंगे जीवन भी चलता रहेगा मिले ना मिले तू मुझे पर प्यार अपना पलता रहेगा ठोकर लगे ना तो जीवन में कोई दर्द को ना जाने गिरता …

दर्द सहने की आदत – शिशिर मधुकर

समय ने छल किया मुझसे तो अब ये हाल है मेरा बड़ा मायूस रहता हूं ना चमका भाल है मेरा बड़ी लम्बी हुई तुमसे जुदाई की घड़ी देखो बताऊं …

तेरी नज़रो में – डी के निवातिया

विषय : लेखनविधा : ग़ज़ल /गीतिकाशीर्षक : तेरी नज़रो मेंतिथि : २६/०६/२०१९ *** तेरी नज़रो में मेरी कीमत रही कुछ ख़ास नही,इसलिए मैं आता तुम्हे अब ज़रा भी रास …

नकली व्यवहार – शिशिर मधुकर

कौन किसको जहां में आज दिल से प्यार करता है जमाना बस दिखाने को नकली व्यवहार करता है साथ रहता है वो बंधन हैं कुछ तो ये नहीं समझो …