Tag: बचपन पर कविता

तिनका तिनका सुख

तिनका तिनका सुख ये बचपन की यादें जब आती हैमन के बच्‍चे को फिर जगाती हैहंसते खेलते वो सुनहरे पलनये आज से सुन्‍दर पुराना कलवो रुनझुन ध्‍वनि हवा का …

मेरे पास शब्द नहीं

मासूमियत से भरे बच्चों की मासूमियत का जवाब नहीं क्या कहूँ उनके बारे में मेरे पास शब्द नहीं पल में रोते पल में हँसते उनको ये तक ज्ञात नहीं …

” मैं फिर से बचपन जीना चाहता हूँ “

” मैं फिर से बचपन जीना चाहता हूँ ” मिटटी में करू अठखेलिया तुतलाकर माँ संग मै बोलू क्रीड़ा करू नाना प्रकार की फिर अंगूठा पीना चाहता हूँ मैं …