Tag: नवगीत

बीत गए सो बीत गए – डी के निवातिया

बीत गए सो बीत गए *** दिन महीने साल बीत गए सो बीत गए,कुछ पलों से हारे, हम, कुछ से जीत गए, वक़्त की धारा में, बहती जाए जीवन …

पवन – डी० के० निवातिया

हे पवन !तू है बड़ी चंचल री,छेड़ जाती है,अधखिले पुष्पों को…!है जो चिरनिंद्रा में लीन,सुस्ताते हुए डाल पर,तेरे गुजरने के बादविचलित हो उठते है,नंन्हे शिशु की मानिंदतरस उठते है,जैसे …

कुछ यादें बीते साल की – सोनू सहगम –

-: कुछ यादें बीते साल की :-कुछ यादें बीते साल की,नये साल में बहुत याद आयेगीकुछ यादें माना आँखें करेंगी नामकुछ यादें चहरे पर मुस्कान खिलायेगीकुछ यादें जिनका साथ …

दो दूना बाइस — डी के निवातिया

दो दूना बाईस — बेवजह में वजह ढूंढने की गुंज़ाइश चाहिये !काम हो न हो पर होने की नुमाइश चाहिये !! कौन कितना खरा है, किसमे कितनी खोट !पहले …

माता रानी के द्वार — डी के निवातिया

“माता रानी के द्वार” *** हुम्म्म्मम्म्म्म…………..चलो ..चलो ………….!चलो ..चलो ……………..चलो ..चलो ………….! चलो ..चलो ……………चलो ..चलो ………….!हुम्म्म्मम्म्म्म…………..चलो ..चलो ………..! चलो रे चलो माता रानी के द्वार दुःख हरती, करती …

ढलता रहता हूँ — डी के निवातिया

ढलता रहता हूँ *** हर रोज़, दिन सा, ढलता रहता हूँ !बनके दिया सा, जलता रहता हूँ !! कोई चिंगारी कहे, कोई चिराग !  यूँ नजरो में, बदलता रहता …

घोंसला वो बदनाम — डी के निवातिया

घोंसला वो बदनाम   परिदो से भी बदतर आज का इंसान हो गया !पाए थे जहा पंख घोंसला वो बदनाम हो गया !! रूह तरसती रही, जिस्म मालमाल हो …

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा — डी. के. निवातिया

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा  *** झिझक को अपनी तोड़ो तुम क्षमता को नया उत्साह मिलेगा !ह्रदय चक्षुओं को खोलोगे तो, ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा !! विद्वान बहुल …

सच क्या होता है—डी के निवातिया

(सच क्या होता है) हमने जो पूछ लिया सच क्या होता है !तिलमिला के बोले ऐसे न बयां होता है !! लांघ रहे हो आदो-अदब का दायरा जनाब ! …

कुछ पल मुस्कुराये होते—डी के निवातिया

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होतेतो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !!न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हान अकेले में हमने आँसू बहाये होते !!बेझिझक होती …

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर, मैं ढूँढू तुझे हर, कदम-दो-कदम पर, दुनिया का कण-कण तुझही से बना है, ये चंदा ये सूरज, सब तुझमें समा है, कहे जो …

यादो का गुलिस्ताँ……….

तुम चले तो गये अजनबी बनकर मगर यादो का गुलिस्ताँ अभी मेरे पास है ……….! सजाए बैठा हूँ इस उम्मीद में मिलोगे कभी जिंदगी के किसी मोड़ पर ………….! …

गीत।मैंने मन को मार लिया है

गीत।मैंने मन को मार लिया है । । आ ही जाती याद तुम्हारी चाहे जितना मै भुलवाऊ ।। मैंने मन को मार लिया हैं पर दिल को कैसे समझाऊ …

!! यादो की दुनिया !!

तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है नीले नीले अम्बर पे, सितारों से तेरी तस्वीर बनाई है !! तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है….!! …