Tag: nari jivan par kavita

स्वीकारता हूँ

स्वीकारता हूँ _________मै स्वीकार करता हूँ तुम्हारी गरीबी हालत अत्याचार और शोषण के लिए मै भी एक कारण हूँ जब तुम छोटी थी कुल्ही धूल में खेलती रहती थी …