Tag: नज़्म

नज़्म – तुम ही बोलो ….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

आज फिर तुमने, दिल मेरे पे, दस्तक दी है….मेरे बालों में, तेरी उँगलियों ने, हरकत की है…एक सिहरन सी, बदन मेरे में, लहराई है……ठहरे पानी में हलचल ने ली …

ढलता रहता हूँ — डी के निवातिया

ढलता रहता हूँ *** हर रोज़, दिन सा, ढलता रहता हूँ !बनके दिया सा, जलता रहता हूँ !! कोई चिंगारी कहे, कोई चिराग !  यूँ नजरो में, बदलता रहता …

बर्बादी का सबब

मेरी बर्बादी का सबब पूछेंगे।वो क्या, कैसे ओर कब पूछेंगे।।मेरी गजलों को पढ़कर लोग सभी।मेेरे शेरोंं का मतलब पूछेंगे। । मैं ख़ामोश हूँगा तू फ़िक्र ना कर।वो ऐसे सवाल …

सदियों से अमर किरदार है हम

सूनी आंखे,   सूखे आंसू,      सेहत से बीमार है हमये सब तोहफा है उसका, जिस हूरपरी के यार है हम।माना के बयाँ कर देना था वो किस्सा मेरे प्यार का …

जिदंगी अभी बाकी है

जिदंगी अभी बाकी है, किसांस को इंतजार है तेरी दुआ काआंख को इंतजार है तेरी नज़र काऔर रूह को इंतजार हमसफ़र का।छोड़ आया हुँ जो गजलअपने तकिये के नीचे …

घोंसला वो बदनाम — डी के निवातिया

घोंसला वो बदनाम   परिदो से भी बदतर आज का इंसान हो गया !पाए थे जहा पंख घोंसला वो बदनाम हो गया !! रूह तरसती रही, जिस्म मालमाल हो …

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा — डी. के. निवातिया

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा  *** झिझक को अपनी तोड़ो तुम क्षमता को नया उत्साह मिलेगा !ह्रदय चक्षुओं को खोलोगे तो, ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा !! विद्वान बहुल …

नागफनी के बीच गुलाब — डी के निवातिया

नागफनी के बीच गुलाब <><><> वो जो नागफनी के बीच गुलाब खिला है।मेरी पाक मुहब्बत का नायाब सिला है।। अहसासों के मधुर पलो से सींचा है इसेतब जाकर कही …

दिल तो दिल है — डी के निवातिया

दिल तो दिल है परिंदो पर बंदिश है उड़ने की, ड्योढ़ी पे ताला पड़ने वाला है जाने कौन बिजली गिरने वाली है, या बादल फटने वाला है !! शहर …

कैसे मुकर जाओगे — डी के निवातिया

कैसे मुकर जाओगे +++   ***   +++ यंहा के तो तुम बादशाह हो बड़े शान से गुजर जाओगे ।ये तो बताओ खुदा कि अदालत में कैसे मुकर जाओगे चार दिन …

७८. जिन्दगी है तू ही…………………. तू ही प्रीत है |गीत| “मनोज कुमार”

जिन्दगी है तू ही और तू ही मीत है तू साँसें तू धड़कन तू ही गीत है तू आशा मिलन तू ही संगीत हैतू चाहत है दौलत तू ही …

सर काटते रहे — डी के निवातिया

वो हमारे सर काटते रहेहम उन्हें बस डांटते रहे !! वो पत्थरो से मारते रहेहम उन्हें रेवड़ी बाटते रहे !! लालो की जान जाती रहीहम खुद को ही ठाटते …

६५. दिल करता है……………. कर देता हूँ |गीत| “मनोज कुमार”

मैं और मेरी कलम……………..दिल करता है जब जब में,लिख देता हूँ |मैं अपनी कलम से अपना, दर्द बयाँ कर देता हूँ ||मैं और मेरी कलम हम दोनों, एक दूजे …

६१. आ जाओ इस दिल में…………. सब मस्तियाँ |गीत| “मनोज कुमार”

आ जाओ इस दिल में तुम, खाली हैं कुछ जीबियाँमैमोरी अभी फुल नही, सेव हैं सब मस्तियाँआ जाओ इस दिल में……………………………… सब मस्तियाँगूगल याहू पे खोजा तुम्हें, सर्च किया …

६०. अब तो आजा ………………….|गीत| “मनोज कुमार”

अब तो आजा आजा आजा अब तो आजाआजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२तेरी सूरत बिन देखे अरसा हो गया आजाआजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२अब तो आजा आजा………………………………..कर दिया पागल तूने …

५७. हमने तो सब कुछ खोया ………..जाने के बाद |गीत| “मनोज कुमार”

हमने तो सब कुछ खोया एक तेरे जाने के बादमैं भी और दिल भी रोया एक तेरे जाने के बादवीराने गुलशन लगते जब रहते दोनों संग साथफूल थे बन …

५६. जिससे था हमें प्यार ……………चला गया |गीत| “मनोज कुमार”

जिससे था हमें प्यार वो साजन चला गयाहम रहते थे जिसके दीवाने चला गयाहुई मुद्दतों अब तक जिसका पता नहीहमें छोड़ अकेला तन्हा करके चला गयाबड़े प्यार की बातें …

५४. कब तक छुपाओगे ये प्यार ………….भी नही |गीत| “मनोज कुमार”

कब तक छुपाओगे ये प्यार प्यार बिना कुछ भी नही |कुछ तो करो तुम शरारत शरारत बिना कुछ भी नही ||तेरे लाल लाल रचे हुए हाथ हाथ में दे …

रावण बदल के राम हो जायेंगे—डी. के. निवातिया

खुली अगर जुबान तो किस्से आम हो जायेंगे।इस शहरे-ऐ-अमन में, दंगे तमाम हो जायेंगे !! न छेड़ो दुखती रग को, अगर आह निकली !  नंगे यंहा सब इज्जत-ऐ-हमाम हो …

मन की बाते—डी के निवातिया

आवश्यक सूचना (यह राजनितिक हालातो के परिपेक्ष्य पर लिखी गयी है इसका किसी व्यक्ति विशेष से कोई सम्बन्ध नहीं है ) (मन की बाते) कभी जनता को मन की …

सच क्या होता है—डी के निवातिया

(सच क्या होता है) हमने जो पूछ लिया सच क्या होता है !तिलमिला के बोले ऐसे न बयां होता है !! लांघ रहे हो आदो-अदब का दायरा जनाब ! …

दिल के कोने से…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

मेरे ज़हन-ओ-दिल में छुपे रहते हो….न जाने क्या क्या करते रहते हो….रात को नींद नहीं आती….दिन में भटकाते रहते हो…..हसीं मेरी अफ़साना बन गयी……मुस्कुराके बातें जब तुम किया करते …