Tag: Majdoor diwas

अब मुझे अपने घर जाना है

बहुत देर हो गयी इंतज़ार करते करतेअब मुझे अपने घर जाना हैखाने पीने को कुछ बचा नहींफिर भी हमारी है आस यहीकी कही कोई जुगाड़ लगवाना हैअब मुझे अपने …

मजदूर नहीं तो कुछ नहीं – आशीष अवस्थी

मजदूर नहीं तो हम नहीं, आप नहींपुल नहीं,सड़क नहीं कारखानों में भाप नहींघर नहीं, नगर नहीं विकास का कोई माप नहींमज़बूरी नहीं,लाचारी नहीं गरीबी का ये सांप नहींमेहनत नहीं, …