Tag: मोहब्बत /नफ़रत /प्यार और वेवफाई

तुम बहुत याद आते हो – डी के निवातिया

तुम बहुत याद आते हो, तुम बहुत याद आते हो,क्यों इतना सताते हो जीने देते,न मरने देते हो क्यो इतना रुलाते !! जब से तुम चले गए दुनिया हमसे …

चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी वो खो गई

चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी वो खों गईं____मेरी पसंद ,मेरा इंतजार लिखा होता थाशब्दों के हेर फेर इजहार लिखा होता था।मैं पसंद ना आऊं तो मत कहना किसी सेइस …

अब समझ आने लगा – शिशिर मधुकर

तुम सयाने हो गए हो अब समझ आने लगा आईना हमको तुम्हारे सच को दिखलाने लगा जिंदगी रूकती कहां है हो गया सो हो गया अब हमें खुद का …

मैंने बिसार ली – शिशिर मधुकर

तेरे बिना भी जिन्दगी ले मैंने गुजार ली गठरी हर इक उम्मीद की सर से उतार ली बीते लम्हों को भूलना आसान तो नहीं अपने वस्ल की हर घड़ी …

संगम नहीं करते – शिशिर मधुकर

सजा मालूम होती गर मुहब्बत हम नहीं करते अपनी आंखों को देखो आंसुओं से नम नहीं करते मिला कुछ भी नहीं होता स्वप्न ज़िंदा तो रह पाते मिला जो …

नशा – शिशिर मधुकर

मुझको नशा अपना दे के तुम दूर क्यों हो गए हो काटें ये तन्हाइयों के जीवन में क्यों बो गए होनींदें उजाड़ी हैं मेरी दर्द ए मुहब्बत जगा के …

दौर इक वो भी था – शिशिर मधुकर

घाव सूखा नहीं अब तक बना जो तेरे जाने से मगर क्या फायदा तुझको पीर अपनी बताने से आज फिर से कुरेदा दिल के मेरे राज को उसने उभर …

कुदरत से क्या लड़ूं – शिशिर मधुकर

दिल की ये आरजू है कोई संग में चले मेरे बन के स्वप्न अंखियों में कोई हरदम पले मेरे देखो मैं ढूंढता हूं किसी बिछड़ी सी रूह को कब …

मसरूफ – शिशिर मधुकर

होंठों से छुआ मुझको अश्कों से भिगोते हैं नींदें मेरी सब छीनीं खुद चैन से सोते हैं खुद आड़ में छुप मेरी दुनिया को मसल डाला दगा मुझ को …

तगादा नहीं है – शिशिर मधुकर

दूरियां तुमने खुद ही बना लीं जो मुझसे तुम्हें याद अपना वादा नहीं है मुझे अब असल में ये लग रहा है मिलन का तेरा इरादा नहीं है खुशामद …

फूल की क्या खता – शिशिर मधुकर

मुझे बरबाद कर वो चैन से मुँह ढक के सोते हैंयहाँ मालिक सभी क्या हुस्न के ऐसे ही होते हैंफूल की क्या खता वो तो खिलेगा वक्त आने पेये …

सनम बेवफा-शिशिर मधुकर

ना तुम याद करते ना मैं हूँ परेशांलगता है हमको कोई ग़म नहीं हैवो कसमें वो वादे हवा में उड़े हैं मुहब्बत में अपनी कोई दम नहीं हैना तुम …

मेरा मन तर नहीं होता – शिशिर मधुकर

अगर दीवानगी होती तो फिर ये डर नहीं होता तुम भी तन्हा नहीं रहते सूना ये घर नहीं होतामैं तो मुद्दत से प्यासा हूँ आस बारिश की रखता हूँफ़कत …

कर्मों के फल – शिशिर मधुकर

किसी के प्रेम की देखो राह अब भी मैं तकता हूँमेरी उम्मीदें टूटी हैं मगर फिर भी ना थकता हूँमेरे दिल में ज़रा झांको जख्म अब ही हरे होंगे …

मुहब्ब्त की प्यास – शिशिर मधुकर

मिलन की चाह की देखो फ़कत बातें वो करता हैकभी कोशिश करे ना कुछ पास आने से डरता हैकोई सच्ची मुहब्बत अब न उसके पास है देखो मुझे भी …