Tag: लोरी

निंदिया आरे,,,(कविता)

निंदिया आरेआजा रे निंदिया आजादिल को चैन दिलाजाकुछ पल सोए, कुछ पल रोएफिर न याद दिलाजाआजा रे निंदिया आजा,,,,,फिरता है तू दर-बदरकभी तो रैहम खा मेरे ऊपरचाँदनी तू झूला …

लोरी

निंदिया आना री आना…चुप्पके से…हो चुप्पके से…. सपने सुहाने तू ले के आना…चुप्पके से…हो चुप्पके से… निंदिया आना री आना… चुप्पके से…हो चुप्पके से… मोहिनी मूरत है सांवली सूरत …

एक लोरी

एक लोरी  लाडली ओ लाडली सो जा मेरी लाडली देर न कर निंदिया रानी सोने चली मेरी लाडली। लाडली…………………। मां पापा की लाडली बहना की तू सखी भली भइया …