Tag: जीवन दर्शन

मिथ्या प्रेम — डी के निवातिया

मिथ्या प्रेम *** एक बकरा पाला था राम किशन नेएक बकरा पाला था रहीम खान नेमर मिटते उनकी  जवानी देखकरकहते थे दोनों, पाला है दिल-ओ-जान से !!एक दिन हकीकत …

प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ सिख मिलती है – अनु महेश्वरी

देखो गुलाब के साथ कांटे भी रहते है यहाँ,जो हमें सतर्क रहना भी सिखाते है और,हर परिस्थिति में शांत रहना भी सिखाते है,प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ …

उम्र क्या है मेरी – अनु महेश्वरी

जब भी यह सवाल कोई पूछता है,मैं सोच में पर जाती हूँ,बात यह नहीं, कि मैं,उम्र बताना नहीं चाहती हूँ,बात तो यह है, की,मैं हर उम्र के पड़ाव को,फिर …

परख – अनु महेश्वरी

हर किसी को नहीं मिलता,मन चाहा सफर यहाँ,न ही सबको हमेशा मिलता,मन पसंद साथ यहाँ|जिससे हम रिश्ता निभाना चाहे,उन्हें हमारी ज़रुरत ही न थी,जिनसे हम रिश्ता जोड़ न सके,उन्होंने …

काश ऐसा हो जाए – अनु महेश्वरी

कोई हमसे रूठे ना,कोई रिश्ता छूटे ना,सबका साथ बना रहे,सब में प्यार बना रहे,काश ऐसा हो जाए|सब मुस्कुराते रहे,औरो को हसाते रहे,खुशियाँ जीवन में रहे,सुकून मन में बना रहे,काश ऐसा …

ख़ुशी – अनु महेश्वरी

मैंने ग़रीबी में भी लोगो को,मुस्कुरा, जीवन बिताते देखा है|अपनी चाहत को समेटे,मिल बाँट रहते देखा है|ज़िन्दगी को करीब से,देखा, तो जाना मैंने,खुश रहने का पैमाना,कभी नहीं होता पैसा|पैसे …

उत्तरदायी हम सभी है – अनु महेश्वरी

सूरत की कायल हुई, दुनिया जब से,सीरत पीछे रह गयी,धन की पूजा होने लगी जब से,ईमानदारी पीछे छूट गई|भारत के इस हालात के लिए,उत्तरदायी हम सभी है|व्हाट्सअप और फेसबुक …

विरोधाभास – अनु महेश्वरी

पत्थरों को, ईश्वर मान पूजा जाता है जहाँ,कभी कभी वही, जवानो पे भी, बरसते है|नौरात्र में कन्या की पूजा होती है जहाँ,वही कन्या भ्रूण की भी, हत्या होती है|आधी …

उपयोगिता – अनु महेश्वरी

न समझो बेकार किसी को,सब की ही है, कुछ उपयोगिता,बंद पड़ी घड़ी भी, टंगी जो दीवार पे,सही समय दिखाती, दो बार दिन में| समय बुरा भी हमें, कुछ दे जाता …

विश्वास – अनु महेश्वरी

विश्वास, वह जज़्बात है,जो अपने अंदर से आए,तो ज़िन्दगी का अँधेरा भी,छटता हुआ सा नज़र आए|विश्वास ही है, वह डगर,जो हमें कठिन रास्तो पर,जुटे रहने की हिम्मत देती|विश्वास के …

एहसास – शिशिर मधुकर

जहाँ गुलाब हों कांटों का तो वास होता है शैतान भी अक्सर खुशबू के साथ सोता हैकेवल फूल ही ईश्वर के मुकुट में सजते हैं शूलों को क्यूँ ना …

रंग बदलते रहना – अनु महेश्वरी

समय अनुसार रंग बदलते रहना,सब की हाँ में हाँ, मिलाते रहना,खुद को हमेशा लाचार दिखाना,मुश्किल है ऐसे लोगों को समझना| अनु महेश्वरीचेन्नई Оформить и получить экспресс займ на карту без …

खुद को हार कर देखो – शिशिर मधुकर

किसी को जीतना है तो खुद को हार कर देखोकिसी के बिगड़े कामो को तुम संवार कर देखोख़ुदा को यूँ ही नहीं इंसान यहाँ याद करता हैउसी के रहमों …

फिर चल पड़ा हूँ मैं..

फिर चल पड़ा हूँ मैं उस तरफकहते हैं लोग जिधर बाधाएं बहुत हैं,अब उनको कहाँ मालुम किबाधाएं पार पाना मेरी फ़ितरत में हैऔर हार न मानना मेरी आदत |फिर …

भगवान

मंदिर की ओर जा रही सड़क परजब पूछा मैंने उस गरीब बच्चे सेकिधर है भगवान?दिखाया उसनेहाथ में रखा हुआ रोटी का टुकड़ापहली बार मैंने जानामै गलत राह पर जा …

* माँ मुझे बच्चा रहना है *

माँ मुझे बच्चा रहना हैबड़ी-बड़ी बातें हमें नहीं करना सहिष्णुता-असहिष्णुता का पाठ हमें नहीं पढ़ना इमाईनुल , मोहन, रहीम संग खेलना है माँ मुझे बच्चा रहना है ।बड़ा हो …

३३. देशों में ओ देश अपना …………..|गीत| “मनोज कुमार”

देशों में ओ देश अपना प्यारा हिन्द देश है अनोखी पहचान इसकी ऊँची अपनी शान है बहुरंगी संस्कृति इसकी भव्यता विशाल है मनमोहक है सुन्दरता वास्तुकला मिसाल है देशों …

अनुराग – शिशिर मधुकर

अगर देखता हूँ फूल मैं गुनाह तो नहीँ करता उसकी जया से बस उदास दिल मेरा संवरता कुदरत ने ये सब खूबियां यूँ ही नहीं बनाई हैं प्रक्रति पुरुष …

मुसीबत – शिशिर मधुकर

मुझे जब कोई भी इच्छा नहीँ थी कठिन तब कोई परीक्षा नहीं थी पर मैंने जब से उम्मीदों को पाला चिंता ने मुझको मुसीबत में डाला शिशिर मधुकर

निशब्द स्नेह – शिशिर मधुकर

आज भी मुझको वो घड़ी खूब याद हैं मेरी जिंदगी जब रूठी और बिखर गई प्रेम की देवी ने फ़िर ऐसा करम किया एक निशब्द स्नेह से किस्मत संवर …