Tag: जीवन दर्शन

पवन – डी० के० निवातिया

हे पवन !तू है बड़ी चंचल री,छेड़ जाती है,अधखिले पुष्पों को…!है जो चिरनिंद्रा में लीन,सुस्ताते हुए डाल पर,तेरे गुजरने के बादविचलित हो उठते है,नंन्हे शिशु की मानिंदतरस उठते है,जैसे …

शिव मृतुन्जय हर जन हो सुखाई…सी.एम्.शर्मा…

शिव भोले बाबा, शिव शम्भू हमारे…शिव चरणों में सब बंधू सखा रे….शिव महिमा गुणगान करे हम…शिव सुत हम शिव पिता हमारे….शिव नाद गूंजे है ब्रह्माण्ड ये सारे…शिव नर्तन कण …

यह जीव -हत्या क्यों और कब तक ! (कविता )

यह बेजुबान जानवर,यह भोले जानवर ,इंसान की नियत से बेखबर ,यह मासूम जानवर .घर पर तो लाते हैं,बड़ा प्यार-दुलार देते हैं,लेकिन जब निकल जाये मतलब,तो सड़कों पर भटकने/मरने को …

उलझी है ज़िन्दगी – अनु महेश्वरी

भागती सी ज़िन्दगी में जल्दी पाने की होड़ मची,खुद की खुदी के लिए लोग रोंदते औरो की ख़ुशी|फ़ुर्सत नहीं किसी के पास हर इंसान थका सा,ज़िन्दगी में अपनी बढ़ती …

ज़िन्दगी से शिकायत कैसी – अनु महेश्वरी

दर्द देती है, फिकी है कभी,फिर हसना भी सीखा रही,ज़िन्दगी से शिकायत कैसी,वह तो जीना ही सीखा रही|जुदाई है, गम देती है कभी,पर हर पल साथ निभा रही,ज़िन्दगी से …

अपनी हंसी को भुल – अनु महेश्वरी 

कुछ बन जाने की चाहत, मन में लिए,अपनों से कितनी दूर निकल जाते है, लोग,वक़्त के हाथो कैद, बिना रुके बस चलते रहते,कभी कभी खुद को भी भुला, सपने …

31 जुलाई और दो सितारे (प्रेमचन्द, रफ़ी पर विशेष)

लेख शुरू करने से पूर्व मैं पाठकों को दो चित्रों से अवगत करना चाहूंगा:—पहला चित्र:— “प्रेमचंद” की शवयात्रा गुज़र रही थी। तब सामने से गुज़रते किसी अपरिचित व्यक्ति ने …

काल के कपाल पर दर्ज़ रहेंगे बी मोहन नेगी के चित्र

हमें बहुत प्यारे लगते हैं / वीर बाँकुरे गढ़वाली / सीमा पर, अपलक जगते हैं / वीर बाँकुरे गढ़वाली / मातृभूमि का चप्पा-चप्पा / इनके शोणित से संचित / …

काश, ऐसे भारत का निर्माण अब हकीकत हो – अनु महेश्वरी

हर इंसान बने, अब अच्छा,नाता जोड़े, लोगो से सच्चा,छल कपट और दुर्भावना का यहाँ न कोई स्थान न हो,देश तोड़ने वालो का इस जहाँ में अब न कोई मान …

शब्द विवेचन- मेरा आईना- प्रेम

शब्द विवेचन – “प्रेम”   शब्द माला के “प” वर्ग के प्रथम और व्यंजन माला के इक्कीस वे अक्षर के साथ स्वर संयोजन के बना “अढाई अक्षर” का शब्द …

रिश्तों का तानाबाना – अनु महेश्वरी

बचपन से बुढ़ापे तक के सफर में,रिश्तों का तानाबाना बुनते बुनते,हम एक जाल सा बुन तो लेते है,पर ज़िन्दगी के अंतिम पड़ाव में,कुछ, साथ छोड़ चुके होते,कुछ, साथ रहना …

मीठे बोल का अभ्यास करे – अनु महेश्वरी

कुरेदे न, ज़ख्म, किसी के कभी,कर सके तो, गम भूलने में, मदद करे|आंसु दे न, आखों में, किसी के कभी,भर सके तो, खुशियाँ औरो के, जीवन में भरे|घाव दे …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँमैं जगता हूँ रातभरचौकस निगाहें गड़ाए हुएउस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊंइसमे भी संशय हैउसके लिए जो अभी अभीछाती से लगाके सोई है मासूम बच्चे कोमैं …

खो रहे संस्कार – अनु महेश्वरी

आधी अधूरी अंग्रेजी बोल, ज्ञानी खुद को है माने,राम को कहे है देखो रामा,और वेद को कहे है वेदा|अपने गलतियों से मुँह मोड़, ज़माने में ढूंढे है ऐब,हवाएँ तो …

माटी का पुतला — डी के निवातिया

माटी का पुतला ◊ हे मानुष !जीता है किस गुमान मेंपलता, बढ़ता हैजाने किस अभिमान में!-!जानकर भी हर कोई अन्जान हैकहते है यही विधि का विधान हैजाने क्यों सत्य …

ज़िंदा रखे आस – अनु महेश्वरी

जब तक है सांस,तब तक रहेगी आस,जारी रखे सब अपनी अपनी तलाश,कभी न हो अपने जीवन में निराश|केवल दुःख में खो न जाए कभी,खुशियों के पल को याद रखे …

फरक तो पड़ता है – अनु महेश्वरी

आँगन में आती धुप से,वृक्ष की ठंडी छाव से,ताजी बहती हवा से,फरक तो पड़ता है,कुछ पल के लिए ही सही,मन अपना भी खिल उठता है|लोगो के फरेब से,लोगो के …

ज़िन्दगी जीने की कला – अनु महेश्वरी

एक पहेली ही तो है, बस जीवन अपनाकब, कहाँ, क्या, कैसे, हो जाए घटनाजिसे समझ सके, न हम कभी,वही पे विवश नज़र आते सभी,ऊपर वालें के ही हाथ है …

सद्‍भावना – अनु महेश्वरी

केवल पढ़लिख कर क्या होगा,अगर अच्छे इंसान भी, न बन सके हम? केवल धन उपार्जन करने से क्या होगा,अगर जरूरतमंद की मदद भी, न कर सके हम? केवल बड़े …

चुनौती – अनु महेश्वरी

परायो को अपना बनाना, आज आसान है,अपनों को अपना बनाएं रखना, एक बड़ी चुनौती है… अनु महेश्वरीचेन्नई Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в …

ईश्वर के सवाल – अनु महेश्वरी

(देख दुनिया की हालात, व्याकुल हुए प्रभु खुद और कर बैठे इन्सान से कुछ सवाल, बस मेरी कल्पना भर है| कभी कभी ऐसा सोचने लगती हूँ. आखिर प्रभु को …

भरोसा – अनु महेश्वरी

इधर की बात उधर करना, यह आदत, होती है बुरी,ऐसे लोगो की वजह से ही रिश्तों में आ जाती है दुरी| अगर कोई किसीकी निंदा, तुम्हारे सामने करे, सम्भलना,उसके …

सदियों से अमर किरदार है हम

सूनी आंखे,   सूखे आंसू,      सेहत से बीमार है हमये सब तोहफा है उसका, जिस हूरपरी के यार है हम।माना के बयाँ कर देना था वो किस्सा मेरे प्यार का …