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यूं होली मनाते – शिशिर मधुकर

तुम पास होते तो तुम को रिझाते गालों पे हर एक रंग को लगाते मुहब्बत को अपनी आगे बढ़ाते तेरे साथ कुछ हम यूं होली मनाते बदलती ऋतु है …

होली – शिशिर मधुकर

खुशियों का त्योहार है होली रस प्रेम का चहुं दिस बरसेमेरे साजन हैं दूर देश में प्यासा जियरा मिलन को तरसेलाख बताए मुझे कोई उनके ना आ सकने की …

ब्रज की होली में -शिशिर मधुकर

रंग ना भरो जीवन में तो जीना मुश्किल हो जाता है लंबी राहों में तन्हा चल के आनन्द ना कोई आता है जहाँ प्रेम बसता हो मन में एक …