Tag: प्रेम

कैसा ये सावन आया – डी के निवातिया

  कैसा ये सावन आया, मुझको अबकी ना भाया, बारिश की इन बूंदों ने जी भर मुझको तड़पाया ।। बागों में कोयल बोले, कानो में मिश्री घोले, अमवा की …

नाकामी – शिशिर मधुकर

फूल वो सुख नहीं देता जिसकी खुशबू में खामी है तुम आगे बढ़ नहीं सकते अगर मन में गुलामी है भले कांटें अनेकों हैं महकते गुल की सोहबत में …

दे देना हमको माफ़ी – डी के निवातिया

मैं पतझड़ की पाती, तुम हो उपवन का फूल ! दे देना हमको माफ़ी, जो हो जाए हमसे भूल !! मै गाँव का देशी छोरा तुम ठहरी शहरी मेम, …

चमक कम न हो – डी के निवातिया

चमक कम न हो *** चाँद से रोशन चेहरे की चमक कम न हो, झील सी गहरी ये आँखे कभी नम न हो, बहारों की फिज़ाओ में दमकता ये …

बिना मुस्कान के – शिशिर मधुकर

दर्द कोई पल रहा हो दिल में गर इंसान के फिर तुम्हें हरदम दिखेगा वो बिना मुस्कान के हर तरफ बिखरा पड़ा है घोंसला वो प्यार का दिख रहे …

बिना आत्मा – शिशिर मधुकर

मुद्दत हुई जब मिलोगे कुछ तो बताओगे मन की तुम्हें याद करनी पड़ेगी हर बात अपने वचन की सीने में कांटे गड़े हैं लेकन ना मैं रो रहा हूं …

अभी भी कसर है – शिशिर मधुकर

यूं ही नहीं हम परेशां ये सब तुम्हारा असर है मिलना मिलाना हुआ है लेकिन अभी भी कसर है तुम दूर बैठे हो छुप के आते नहीं सामने अब …

खुद में सिमट रहे हैं – शिशिर मधुकर

अपनी क्या तुमको बताएं मुश्किल से दिन कट रहे हैं बिन तेरे लम्हें सुकूं के जीवन से नित घट रहे हैं जाने पसीजो के फिर तुम या यूं ही …

कोशिश करो ना – शिशिर मधुकर

तुमसे जुदाई लम्बी हुई है मिलने की फिर से कोशिश करो ना दुनिया तो ताने देती रहेगी इतना भी इससे सुन लो डरो ना मुद्दत से मेरी झोली है …

दिया जला के – शिशिर मधुकर

तुमको पुकारते हैं मन में दिया जला केमुझ को बचा लो देखो नेहा का रस पिला केयूं तो हसीं हैं लाखों तुम सा कोई ना देखालगते हो खूबसूरत तुम …

कहते ये लोग हैं – शिशिर मधुकर

उलफत ना तुम तलाश करो कहते ये लोग हैं खुशियों की चाह में यहां मिलते वियोग हैं जड़ से खत्म ना हो सके कोशिश करीं कई दुनिया से पूछ …

शह प्यार की – शिशिर मधुकर

मुहब्बत है अगर असली तन से खुशबू सी आती है कोई नस नस में बहता है बिखर फिर ये जताती है मुहब्बत है मुझे उससे समझना है नहीं मुश्किल …