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होली की बहार

हिन्द के गुलशन में जब आती है होली की बहार। जांफिशानी चाही कर जाती है होली की बहार।। एक तरफ से रंग पड़ता, इक तरफ उड़ता गुलाल। जिन्दगी की …

देख बहारें होली की

जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की। और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की। परियों के रंग दमकते हों तब देख बहारें …

मोसों होरी खेलन आयो

(राग कान्हरौ ) मोसों होरी खेलन आयौ । लटपटी पाग, अटपटे बैनन, नैनन बीच सुहायौ ॥ डगर-डगर में, बगर-बगर में, सबहिंन के मन भायौ । ’आनँदघन’ प्रभु कर दृग …

लाल तुम भाजत हो क्यों आज

लाल तुम भाजत हो क्यों आज ॥ खेलि लेहु फगुआ अब मोसे तजि सब डर ओ लाज । बूझि परै गो तबही तुम को कैसो नारि समाज ॥ ब्रज …