Tag: होली

मोसों होरी खेलन आयो

(राग कान्हरौ ) मोसों होरी खेलन आयौ । लटपटी पाग, अटपटे बैनन, नैनन बीच सुहायौ ॥ डगर-डगर में, बगर-बगर में, सबहिंन के मन भायौ । ’आनँदघन’ प्रभु कर दृग …

लाल तुम भाजत हो क्यों आज

लाल तुम भाजत हो क्यों आज ॥ खेलि लेहु फगुआ अब मोसे तजि सब डर ओ लाज । बूझि परै गो तबही तुम को कैसो नारि समाज ॥ ब्रज …