Tag: hindi kavya sankalan

मानवता जाग उठेगी..Raquim Ali

अभी तो सोया है इंसानकहीं पर खोया है इंसानअभी न रखता किसी का ध्यानअपरमित समझता खुद का ज्ञानएक दिन जागेगा इंसान, मानवता जाग उठेगी;तभी तो होगा सबका कल्याण।अभी तो …

अब वे हैं कि जो मेरी राहों पे… Raquim Ali

अब वे हैं कि… कभी हम, उनका बहुत इंतजार किया करते थेअब वे हैं कि जो मेरा शिद्दत से इंतजार करते हैं;कभी हम उन की राहों को बेजार तका …

हम सब बच्चे एक बाग़ लगाते हैं… Raquim Ali

भाग -1दस बच्चों का खेल-खेल मेंएक बनाया गोलासोनू ने चिल्ला-चिल्ला करसब बच्चों से यूं बोला-‘चलो छोटू, चलो मोटूचलो मंटू, चलो संटूचलो चिंटू, चलो मिंटूचलो टुन्ना, चलो टुन्नीचलो मुन्ना, चलो …

भटकती हुई जो नई पीढ़ी है..Raquim Ali

भटकती हुई जो नई पीढ़ी हैजिस तरह तेजी से दुनियां आगे बढ़ती जा रही हैजिस तरह तेजी से नई पीढ़ी, बदलती जा रही है।जिस तरहनई पीढ़ी में स्मार्टफोन से …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)03.07.2017: के कुछ और दास्तान:(1).मैंने देखा, विदाई के दौरान पहली बार मेरे ही सामनेएक बुलबुल ने निगल लिया अनार के तीन-चार दानेलगता है …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-3)…Raquim Ali

भाग-329.06.2017, सुबह:पांच दिन के बाद जब मैं निवास पर वापस अकेले लौटा:दो बच्चे आँखे बंद, घोंसले में सुस्त पड़े दिखे मुझकोतीसरे अंडे का क्या हुआ, आइडिया   नहीं है …

कवि पति – समझदार पत्नि: संवाद…Raquim Ali

‘कवि पति – समझदार पत्नि’ संवाद( नींद में, कवि) पति :’ख़ूबसूरत सा मेरा ख़्याल है, यही चल रहा है मेरे मन मेंखूबसूरत तेरा भी ख्याल होगा, यही होगी बात …

एक पेड़ जो लगाओगे…Raquim Ali

एक पेड़ जो लगाओगे, बहुत पुण्य तुम पाओगेतेज गर्मी में धूप से बचने के लिएजब कोई इंसान या जानवर आएगाउसकी छांव में सुस्ताएगा।बहुत सवाब तुम पाओगे।जब कोई चिड़िया चूं-चूं …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खलासमुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा;जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं,कभी तो पैदा किए गए होंगेकोई तो होगा जो इन्हें कन्ट्रोल करता …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं।……………………….2. अपनी: मंद-मंद सी …

गैया मैया के क़ातिल कौन?… Raquim Ali

गैया मैया के क़ातिल कौन?गैया मैया के क़ातिल कौन?मुझे भी है फ़िक्र, मैंने इस पर किया खूब सोच-विचारखंगाला, तो इस नतीज़े पर पहुंचा, मेरे भाई, मेरे यार-इनको पालने वाले …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं*इल्म व आमाल से, जो हैं रोशनजिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकीवाज़ करते हैं जो सीधी राहों कीऔर जो खुद उन पे …

वाह रे इंसान-Raquim Ali

…भाग -१…वाह रे इंसानकहां पहाड़-समंदर-गहरी खानछोटा-सा कद, पर लेता है सबको छानआकाश छू लेने का पाले रहता अरमान!प्रतिफल है उसकी प्रबल इच्छा-शक्ति कादुनिया भर का हर अद्भुत-नया साज-सामानतल्लीन-तपस्वी-तत्पर है, …

मंज़िल-ए-मक़सूद से जब … Raquim Ali

मंज़िल-ए-मक़सूद से जब आदमी भटक जाता हैढूंढ़ता रहता है, तड़प जाता हैसही राह नहीं पाता है।चलता है अनजान राहों परख़ुद को अकेला पाता हैहर मंज़र पर नज़र आते हैंकई …