Tag: hindi kavya

मेरा मुल्क किस तरफ जा रहा है..Raquim Ali

आते-आते अब मेरे देश में एक ऐसा अज़ीब ज़माना आया है;बलात्कारी-हत्यारे को समर्थन देकरवकीलों ने प्रदर्शन करके हीरो बनाया है।अब तो बलात्कार और हत्या का भीजातिकरण, साम्प्रदायिकरण होता जा …

ये मधुर एहसास मेरे-Raquim Ali

।आप सभी गुणी जन को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।ये मधुर एहसास मेरेये नहीं बिल्कुल अकेलेसाथ में हैं सारी यादेंसाथ हैं सारी अदाएं।साथ में दिन-रात हैं सबसाथ …

हम सब बच्चे एक बाग़ लगाते हैं… Raquim Ali

भाग -1दस बच्चों का खेल-खेल मेंएक बनाया गोलासोनू ने चिल्ला-चिल्ला करसब बच्चों से यूं बोला-‘चलो छोटू, चलो मोटूचलो मंटू, चलो संटूचलो चिंटू, चलो मिंटूचलो टुन्ना, चलो टुन्नीचलो मुन्ना, चलो …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)03.07.2017: के कुछ और दास्तान:(1).मैंने देखा, विदाई के दौरान पहली बार मेरे ही सामनेएक बुलबुल ने निगल लिया अनार के तीन-चार दानेलगता है …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-3)…Raquim Ali

भाग-329.06.2017, सुबह:पांच दिन के बाद जब मैं निवास पर वापस अकेले लौटा:दो बच्चे आँखे बंद, घोंसले में सुस्त पड़े दिखे मुझकोतीसरे अंडे का क्या हुआ, आइडिया   नहीं है …

कवि पति – समझदार पत्नि: संवाद…Raquim Ali

‘कवि पति – समझदार पत्नि’ संवाद( नींद में, कवि) पति :’ख़ूबसूरत सा मेरा ख़्याल है, यही चल रहा है मेरे मन मेंखूबसूरत तेरा भी ख्याल होगा, यही होगी बात …

समर्पण…Raquim Ali

समर्पण1.शादीशुदा के लिए:उठने लगे तेरी क़लम जब एक नग़मा या खत लिखने के लिएसोच लो यह निस्बत-ए-माशूका है, या अहल-ए-खाना के लिए।हो कलाम किसी और पर, तो तोड़ देना …

गैया मैया के क़ातिल कौन?… Raquim Ali

गैया मैया के क़ातिल कौन?गैया मैया के क़ातिल कौन?मुझे भी है फ़िक्र, मैंने इस पर किया खूब सोच-विचारखंगाला, तो इस नतीज़े पर पहुंचा, मेरे भाई, मेरे यार-इनको पालने वाले …

इम्तेहान…Raquim Ali

*इम्तेहान*कंपकंपी आने लगती हैदिमाग करता नहीं है काम माथे से पसीना छूटने लगता हैजब आता है इम्तेहान का नाम ; जिंदग़ी में एग्जाम के कई पर्चे होते हैं, जैसे- …

ऐसे रिश्ते… Raquim Ali

** ऐसे रिश्ते ** एक लड़के की, एक लड़की सेएक मर्द की, एक ग़ैर औरत सेअगर बेसाख्ता गहरी दोस्ती होती हैअगर बेसाख्ता सखा-सखी होती है;अगर उनमें हंसी-मजाक होते हैंमान-मनौव्वल …

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर,घनघोर घटा छाई होआंधियां चल रही होंबारिश मूसलाधार हो;अगर,अमावस की रात होहर सिम्त में फैला हुआबेइंतहा अंधकार हो।अगर,मेरे हाथ में सिर्फ़टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ हो मेरे ख़ुद के सहारे …

एक दिन मादर-ए शिकम में

मादर-ए शिकम में –1–एक दिन मादर-ए शिकम मेंपल रहे कतरे के जेहन में कुछ-कुछ बातें आईंचाहत उमड़ीं उसके मन मेंअपने रब से जताईं-‘आज अतल में पड़ा हुआ जब धरती …