Tag: hindi kavita

हिंदी गीत- PT. BABU RAM SHARMA

अमर भारती वसुन्धरा की शान हमारी हिन्दी है |देश धर्म शासन सत्ता की जान हमारी हिन्दी है ||प्रलयंकर शंकर डमरू से निकली भाषा हिन्दी है|अमर शहीदों के साहस की …

भारत की महिमा

भारत एक सूरज जो जलकर दे दुनिया को प्रकाश।भारत एक दार्शनिक जो पर्यटकों को मन वैहलाये ।भारत एक गुरु जो दे दूसरों को शिक्षा।भारत एक वृक्ष जो दे दूसरों …

हद से गुजरते है – D.K. निवातिया

हद से गुजरते है *** जीने की चाहत में हद से गुजरते हैमौत की आहट में जद से गुज़रते हैहर दिन एक नया शगूफ़ा राह अटकें,नेक से लेने बदला …

कुछ लम्हें – कुछ पल – सोनू सहगम

-: कुछ लम्हें –कुछ पल :-उसने धीरे से बेड से उठते हुएफुसफुसाकर कहा मेरे कान मेंक्या तुमको वो लम्हा याद है,जब हम मिले थे पहली बार अनवर चाचा की …

ये सफर रेल का…

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बताओ मुझे – आशीष अवस्थी

 दीवाना मैं हूं कौन है दीवानी बताओ मुझेलिख रहा हूं किसकी कहानी बताओ मुझेबहोत तेज़ बज रहे हैं घुंघरू तवायफों केबर्बाद हुई है किसकी जवानी बताओ मुझेथक गए क्या …

कैसे जान पाओगे मुझको

कैसे जान पाओगे मुझको अगर तुमने प्रेम नही कियातो कैसे जान पाओगे मुझकोकिसी को जी भरकर नही चाहाकिसी के लिए नही बहायाआँखों से नीर  रात भरकिसी के लिए अपना …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)03.07.2017: के कुछ और दास्तान:(1).मैंने देखा, विदाई के दौरान पहली बार मेरे ही सामनेएक बुलबुल ने निगल लिया अनार के तीन-चार दानेलगता है …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद)भाग-2(07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थीपुराने घोंसले पर बैठ जाती मन को मेरे …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं*इल्म व आमाल से, जो हैं रोशनजिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकीवाज़ करते हैं जो सीधी राहों कीऔर जो खुद उन पे …

इम्तेहान…Raquim Ali

*इम्तेहान*कंपकंपी आने लगती हैदिमाग करता नहीं है काम माथे से पसीना छूटने लगता हैजब आता है इम्तेहान का नाम ; जिंदग़ी में एग्जाम के कई पर्चे होते हैं, जैसे- …

वाह रे इंसान-Raquim Ali

…भाग -१…वाह रे इंसानकहां पहाड़-समंदर-गहरी खानछोटा-सा कद, पर लेता है सबको छानआकाश छू लेने का पाले रहता अरमान!प्रतिफल है उसकी प्रबल इच्छा-शक्ति कादुनिया भर का हर अद्भुत-नया साज-सामानतल्लीन-तपस्वी-तत्पर है, …

ऐसे रिश्ते… Raquim Ali

** ऐसे रिश्ते ** एक लड़के की, एक लड़की सेएक मर्द की, एक ग़ैर औरत सेअगर बेसाख्ता गहरी दोस्ती होती हैअगर बेसाख्ता सखा-सखी होती है;अगर उनमें हंसी-मजाक होते हैंमान-मनौव्वल …

मेरे ख्वाब कभी जो पास तुम्हारे आते- आशीष अवस्थी

मेरे ख्वाब कभी जो पास तुम्हारे आते चुपके से उनको तुम अपने पास सुलाते धूप शहर की तेज बहोत थी फिर भी हम बच जाते गर तुम गगरी में …

फ़कीर हो गया हूँ तेरे जाने के बाद – आशीष अवस्थी

तेरे साथ रहता था मैं बादशाहों की तरह। फ़कीर हो गया हूँ तेरे जाने के बाद।   रात भर जागता रहा ख्वाबों की तलाश में। नींद आयी भी मुझे …

बहुत मुश्क़िल है, उन्हें पा जाना… Raquim Ali

बहुत मुश्क़िल हैबेलगाम नौकरशाही कोपटरी पर ला पाना।बहुत मुश्क़िल हैकिसी से, बिना दबाव केनुक़्ते भर का सुधार करवा पाना।बहुत मुश्क़िल हैगर्दिश में पड़े हुए रिश्ते परप्यार का रंग चढ़ा …

मंज़िल-ए-मक़सूद से जब … Raquim Ali

मंज़िल-ए-मक़सूद से जब आदमी भटक जाता हैढूंढ़ता रहता है, तड़प जाता हैसही राह नहीं पाता है।चलता है अनजान राहों परख़ुद को अकेला पाता हैहर मंज़र पर नज़र आते हैंकई …

उम्र के आईने में… Raquim Ali

वह सोचता है-‘मैं खूबसूरत हूँ जवान हूँ, महान हूँ’; वह सोचती है-‘मैं बेहतरीन हूँ हसीन हूँ नाज़नीन हूँ ‘।******जब,उम्र के आईने में, वे झांकते हैंनिकल पड़ती है, उफ़ लबों …