Tag: hindi kaavya sankalan

रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधनजब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहारचित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवारफिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार।भले साल भर लड़ते …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद)भाग-2(07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थीपुराने घोंसले पर बैठ जाती मन को मेरे …

इम्तेहान…Raquim Ali

*इम्तेहान*कंपकंपी आने लगती हैदिमाग करता नहीं है काम माथे से पसीना छूटने लगता हैजब आता है इम्तेहान का नाम ; जिंदग़ी में एग्जाम के कई पर्चे होते हैं, जैसे- …

उम्र के आईने में… Raquim Ali

वह सोचता है-‘मैं खूबसूरत हूँ जवान हूँ, महान हूँ’; वह सोचती है-‘मैं बेहतरीन हूँ हसीन हूँ नाज़नीन हूँ ‘।******जब,उम्र के आईने में, वे झांकते हैंनिकल पड़ती है, उफ़ लबों …