Tag: Hindi Kaavya

बंद.. Raquim Ali

दो अप्रैल, सन् अठारह को SC/ST का भारतबंद’दस’ को सवर्ण करेगा भारतबंद;’चौदह’ को फिर SC/ST का भारतबंदOBC का बंद अभी तो बाकी हैअभी तो बाकी है सिख, जाट का …

अब वे हैं कि जो मेरी राहों पे… Raquim Ali

अब वे हैं कि… कभी हम, उनका बहुत इंतजार किया करते थेअब वे हैं कि जो मेरा शिद्दत से इंतजार करते हैं;कभी हम उन की राहों को बेजार तका …

शरद पूर्णिमा – सोनू सहगम

-: शरद पूर्णिमा :-आज पूर्ण चन्द्रमा, सोलह कलाओं से युक्तधरती पर अपनी, अमृत बरसाने आया हैधरा के समीप होगा, दमकते चाँद काये सुंदर संजोग, शरद पूर्णिमा कहलाया हैश्री, भू, …

रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधनजब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहारचित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवारफिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार।भले साल भर लड़ते …

भटकती हुई जो नई पीढ़ी है..Raquim Ali

भटकती हुई जो नई पीढ़ी हैजिस तरह तेजी से दुनियां आगे बढ़ती जा रही हैजिस तरह तेजी से नई पीढ़ी, बदलती जा रही है।जिस तरहनई पीढ़ी में स्मार्टफोन से …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आतेकैसा लगता?बेहद फीका-फीका लगताइतने चुस्त-दुरुश्त न हो पातेहम इतने रोमांचित न हो पाते।जवानन इतना मचल पातेबच्चे, गुब्बारे न उड़ातेमौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पातेवे खुशियां न मना …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं।……………………….2. अपनी: मंद-मंद सी …

*थे वे शर्माए* …Raquim Ali

*थे वे शर्माए*अति रंजितअनजान सफरथे वे शर्माए;दादा आदमउतर धरा परथे जब आए।अकेलेपन-घोर अकेलेपनमें थे वे घिरे;दादा आदमकोई कहे मनु जी चिंतित पड़े;वैसी ही पीड़ा दादी ने भी था झेलातो …

किस्मत में है इनके मिट जाना–Raquim Ali

ये हवाएं, ये फ़िज़ाएं ये बहारें, ये नज़ारेचंद दिनों के हैं;ये अदाएं, ये सदाएंये तरानें, ये फ़सानेचंद दिनों के हैं।ये जवानियां, ये रवानियां ये सजावटें, ये बनावटेंचंद दिनों के …