Tag: Hindi

Shweta ke dohe

दीपक बाती जले है, जले सदैव नाहीं ।वैसे जग संसार है , बुझे है पृथ्वी माहीं।।Shwetakedohe.com Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в …

मेरी कहानी मेरी जुबानी भाग-2 (POEM No. 21) CHANDAN RATHORE

कुछ साल और निकले में पढता रहा सब मुझे पढ़ाते रहेआ गया वो दिन जिस दिन होना था माँ से दूरसब छोड़ गये अकेले कोई नही था मेरे पासअकेले …

Mrat Kaaya Ka Rodan (मृत काया का रोदन) POEM NO. 230 (Chandan Rathore)

POEM NO . 230————मृत काया का रोदन————मृत काया के लिए हुआ आज फिर करुणा मय रोदन |छोटे छोटे बच्चों की आशाओं का हुआ शोषण ||रूठ गए जग छोड़ गए …

Aaj udas hu me (आज उदास हु में) POEM No. 11 (Chandan Rathore)

POEM NO. 11————–आज उदास हु में———————आज मन्न उदास हे पता नही क्यों ये मन्न उदास हेक्या में दोसी हु जो में उनकी केयर करता हुया वो दोसी हे जो …

कुछ लम्हें – कुछ पल – सोनू सहगम

-: कुछ लम्हें –कुछ पल :-उसने धीरे से बेड से उठते हुएफुसफुसाकर कहा मेरे कान मेंक्या तुमको वो लम्हा याद है,जब हम मिले थे पहली बार अनवर चाचा की …

मैं आधुनिक नारी हूँ

मै अबला नादान नहीं हूँदबी हुई पहचान नहीं हूँमै स्वाभिमान से जीती हूँरखती अंदर ख़ुद्दारी हूँमै आधुनिक नारी हूँपुरुष प्रधान जगत में मैंनेअपना लोहा मनवायाजो काम मर्द करते आयेहर …

राष्ट्र-धर्म की पहचान है हिन्दी

भारत की आन बान शान है हिन्‍दी राष्ट्र-धर्म की पहचान है हिन्‍दी पिता की फटकार, मां का दुलार दोस्‍त की दोस्‍ती, बहिना का प्‍यार बच्‍चों के चेहरों की मुस्‍कान …

कहाँ से लाऊँ ढूंढ के…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

घर था कभी जो अब मक़ान हो गया…ज़िंदा लाशों का वो शमशान हो गया….कच्चे घरों में आती थी रिश्तों की खुशबू…पक्के क्या हुए सब सुनसान हो गया….बरगद के पेड़ …

शाम ।

वक़्त से पहले ही, बुझ जाती है शाम, उन ग़रीबों की,रोज़ी देने वाले अमीर, जब से ख़ुद ही ख़ुदा बन गए…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०१ डिसम्बर २०१६. Оформить и …

वजह ।

प्यार करने की भी, कोई वजह होती है क्या ?प्यार तो अमर, रूह का अटूट हिस्सा होता है…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः १९ नवम्बर २०१६. Оформить и получить экспресс займ …

तजुर्बा ।

ज़िंदगी को ही, तय करने दे उसे क्या चाहिए,फिर, तजुर्बा भी तो, काम आना चाहिए किसी दिन…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः १९ नवम्बर २०१६. Оформить и получить экспресс займ на …

अक्स ।

रूह और तुम, दोनों अक्स हो मेरे,बता किस से, जुदा होने पर मर जाऊँ…!अक्स = प्रतिबिम्ब;मार्कण्ड दवे । दिनांकः १९ नवम्बर २०१६. Оформить и получить экспресс займ на карту …

छलावा ।

छलावा है बारबार, चोला बदलना उसका,दुःख ही तो आता है, पहन के चोला सुख का…!छलावा = प्रपंचः चोला = पहनावा;मार्कण्ड दवे । दिनांकः १४ जून २०१६. Оформить и получить …

सिरफिरे जज़बात ।

सिरफिरे जज़बातों को, सिर पर बिठा कर क्या मिला ?ना मिला प्यार , न यार, न रिश्ता, ना ज़रा सा क़रार…!सिरफिरे = सनकी;मार्कण्ड दवे । दिनांकः १४ जून २०१६. …

भरोसा ।

शायद, अपनी काबिलियत पर, अब उसे भरोसा नहीं रहा,अहसास-जज़बात की रगों को, काटने पर तूला है दिल..!काबिलियत = हुनर; अहसास = अनुभव; जज़बात = मनोभाव; रग = नस,बुनियाद; तूलना …

साथ ।

बुरे वक़्त में, साथ दिया था जिन-जिन का, हर वक़्त मैंने,कह कर, आज धतकार दिया, सब ने, `हम तुम्हें जानते नहीं..!`धतकारना = अपमानित करना;मार्कण्ड दवे । दिनांकः११ नवम्बर २०१६. …

यादें ।

आते-जाते दिन-रात से चंद लम्हें चुरा कर,जिंदा यादों को आज फिर दफ़ना दिया मैंने…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः २० सप्टेम्बर २०१६. Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа …

लुत्फ़ ।

कभी हम से भी तो,पंगा लिया कर ज़ालिम,बड़ा लुत्फ़ होता है, रुठे को मनाने में…!पंगा = तकरार; लुत्फ़ = आनंद;मार्कण्ड दवे । दिनांकः २० अगस्त २०१६. Оформить и получить …