Tag: Hansraj Kerekar

“मैं निशा हूं”

मैं निशा हूं सोचा कि आज कह ही दूं सबकुछ। निर्दोष हूं, अकेली हूं, प्यारी भी हूं सचमुच। मेरी तन्हाई को सिर्फ वहीं समझ सकता है- जिसने आविरक्त प्रेम …

“तु आगे बढता चल…”

तू आगे बढ़ता चल कर तू हालात से मुकाबला चाहे हो कितनी भी बला। तू आगे बढता चल तू आगे बढता चल… बांधे सीमा तुझको गर रुकना ना कभी …